Pulses Procurement: केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है. उसने आंध्र प्रदेश में चने की खरीद और कर्नाटक में तूर (अरहर) की खरीद की अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह निर्णय लिया है. इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलने में मदद मिलेगी. साथ ही उन्हें मजबूरी में सस्ते दाम पर फसल बेचने से बचाया जा सकेगा और कृषि बाजार में स्थिरता भी बनी रहेगी.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत 94,500 मीट्रिक टन चना (बंगाल ग्राम) की खरीद को स्वीकृति दी है. इसके बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर रबी 2025-26 सीजन के लिए चना खरीद की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 1,13,250 मीट्रिक टन कर दी गई है. इस फैसले से आंध्र प्रदेश के चना किसानों को बड़ी राहत मिलेगी. उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिलेगा और मजबूरी में कम दाम पर बिक्री से बचाव हो सकेगा.
केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण और राहतभरा निर्णय लेते हुए उत्तर प्रदेश में आलू की खरीद, आंध्र प्रदेश में चना खरीद तथा कर्नाटक में तूर (अरहर) खरीद अवधि विस्तार को मंजूरी दी है। pic.twitter.com/4lg4H2pt0p
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— PIB Agriculture (@PIBAgriculture) April 18, 2026
15 मई तक होगी तूर की खरीदी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक में खरीफ 2025-26 सीजन के दौरान मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत MSP पर तूर (अरहर) की खरीद अवधि को 30 दिन बढ़ाने की मंजूरी दी है. अब यह खरीद 15 मई 2026 तक जारी रहेगी. इस फैसले से कर्नाटक के तूर किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा. इससे ज्यादा किसानों को MSP का लाभ मिल सकेगा और उन्हें कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी से राहत मिलेगी. इन फैसलों से साफ है कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है. राज्यों के साथ मिलकर लिए जा रहे ऐसे निर्णय कृषि क्षेत्र में स्थिरता और भरोसा बढ़ाते हैं.
क्या बोले शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिले और उन्हें किसी भी हालत में मजबूरी में सस्ते दाम पर बेचने की जरूरत न पड़े. उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय राज्यों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है और किसानों के हित में तेजी से और संवेदनशील फैसले लिए जा रहे हैं. इसी के तहत आज राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर इन फैसलों को मंजूरी दी गई.
50 लाख हेक्टेयर में तूर की खेती
बता दें कि कर्नाटक में अरहर (तूर) उत्तरी कर्नाटक की प्रमुख दलहन फसलों में से एक है. इसकी खेती करीब 5.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है. यहां इसकी औसत उपज लगभग 766 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है. ऐसे भारत में अरहर की खेती करीब 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है. इससे लगभग 43 लाख टन उत्पादन होता है और औसत उपज 859 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है. दुनिया के कुल अरहर उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी लगभग 77.61 प्रतिशत है, यानी इस फसल में भारत का दबदबा है.