केंद्रीय कैबिनेट ने वैश्विक ईंधन कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी से निपटने में विमानन क्षेत्र की मदद करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) मूल्य स्थिरीकरण कोष को मंजूरी दी है. यह निर्णय पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों के बीच लिया गया है, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय ATF की कीमतों को बढ़ा दिया है और एयरलाइंस पर दबाव बढ़ा दिया है. वहीं, दिल्ली एनसीआर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए लगभग 1.91 लाख पुराने ट्रकों और 16,329 बसों को हटाने को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा बिहार, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के लिए हाइवे प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं.
हवाई किराए को स्थिर रखने के लिए फैसला
केंद्रीय मंत्री अश्विनि वैष्णव ने कैबिनेट नतीजों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रिमंडल ने बुधवार को 10,000 करोड़ रुपये के एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) मूल्य स्थिरीकरण कार्यक्रम को मंजूरी दी. इसका मकसद पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों से एयरलाइंस को राहत देना है. इस कदम का उद्देश्य हवाई संपर्क को सुरक्षित रखना और हवाई किराए में होने वाले उतार-चढ़ाव को सीमित करना है.
तेल कंपनियों को ब्याज मुक्त एडवांस देने को मंजूरी
सरकार के एक बयान के अनुसार यह योजना सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को 10,000 करोड़ रुपये तक का ब्याज मुक्त अग्रिम (advance) प्रदान करेगी. इससे ये कंपनियां निर्धारित भारतीय एयरलाइंस को उनके घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय परिचालन के लिए एक स्थिर कीमत पर ATF की आपूर्ति कर सकेंगी.
60 रुपये से बढ़कर 142 रुपये प्रति लीटर पहुंचा जेट फ्यूल
यह सहायता तंत्र ऐसे समय में आया है जब अंतर्राष्ट्रीय ATF की कीमतें मार्च में 60.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर मई में लगभग 142 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं. इससे एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है. यह दबाव ऐसे समय में बढ़ा है जब ईंधन परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है, और कुछ मामलों में, अत्यधिक उतार-चढ़ाव के समय यह 60 प्रतिशत तक पहुंच जाता है.
दिल्ली का प्रदूषण खत्म करने के लिए हटेंगे 1.91 लाख पुराने ट्रक-बसें
केंद्रीय मंत्री अश्विनि वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुराने ट्रकों और बसों को बीएस-VI मानक अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों से प्रतिस्थापित (Replace) करने की योजना को मंजूरी दी. इस योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में लगभग 1.91 लाख ट्रकों और 16,329 बसों को प्रतिस्थापित किए जाने का लाभ मिलेगा. यह पहल में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी. योजना का उद्देश्य स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना तथा क्षेत्र की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है.
बिहार में खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन के अपग्रेडेशन को मंजूरी
कैबिनेट ने बिहार में NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन को BOT (टोल) मोड पर 3,936.05 करोड़ रुपये की लागत से चार-लेन वाले हाईवे में अपग्रेड करने को मंजूरी दे दी. बिहार में NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन के प्रस्तावित अपग्रेडेशन से खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जिलों में बनी हुई जगहों पर मौजूद गंभीर ज्यामितीय कमियों, तीखे मोड़ों और भीड़भाड़ की समस्या का समाधान होगा. इसमें आगे कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट के हिस्से के तौर पर पूर्णिया शहर के लिए 6.729 किलोमीटर लंबा एक ग्रीनफ़ील्ड बाईपास भी बनाया जाएगा.
मध्य प्रदेश में 4,415.60 करोड़ रुपये के हाईवे प्रोजेक्ट अप्रूव
केंद्रीय कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में 4,415.60 करोड़ रुपये के निवेश वाले दो सड़क प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी. NH-347B के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधि सेक्शन में मौजूदा इंटरमीडिएट लेन को पक्के शोल्डर वाले दो-लेन के स्टैंडर्ड में अपग्रेड किया जाएगा और NH-347B के देशगांव-जुलवानिया सेक्शन (लंबाई 108.643 किमी) में मौजूदा दो-लेन को चार-लेन में चौड़ा होगा. ये सभी काम मध्य प्रदेश में हाइब्रिड एन्युइटी मोड पर 4,415.60 करोड़ रुपये की लागत से किए जाएंगे.
तेलंगाना में 7,597.16 करोड़ रुपये के 190 km लंबे हाईवे प्रोजेक्ट स्वीकृत
केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को तेलंगाना में दो बड़े नेशनल हाईवे चौड़ीकरण प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, जिनकी कुल लंबाई 190.76 km है और लागत 7,597.16 करोड़ रुपये है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को तेलंगाना में NH-63 के आर्मूर-जगतियाल-मंचेरियल सेक्शन के चौड़ीकरण को हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पर और NH-563 के जगतियाल-करीमनगर सेक्शन को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर 4-लेन स्टैंडर्ड तक चौड़ा करने को मंजूरी दी.