बाढ़ से 2157 गांव पानी में डूबे, 46 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसलें तबाह.. 25 हजार पशुओं की मौत!
Assam Flood Crisis: असम मे आई बाढ़ ने ग्रामीण ढांचे को बुरी तरह तहस नहस कर दिया है. बाढ़ में 68 लोगों की मौत, 26 हजार पशुओं की जान गई राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 19 जुलाई से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि, 26 हजार पशुओं की मौत हो गई है.
असम में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है और 25 जिलों के 2157 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं. जबकि, ज्यादा गांवों में 11 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं, अब तक 68 लोगों की जान जा चुकी है और 26 हजार से ज्यादा पशुओं की मौत हुई है. इसके अलावा 46 हजार हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं. सर्वाधिक नुकसान चाय किसानों के साथ जूट और बांस की खेती करने वालों को हुआ है. जबकि, धान और पारंपरिक सब्जी फसलें बाढ़ में बह गई हैं. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने संसद में केंद्र सरकार से राज्य को विशेष पैकेज की मांग की है.
ब्रह्मपुत्र की बाढ़ की चपेट में 25 जिले
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार पूर्वोत्तर राज्य की कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ब्रह्मपुत्र नदी की बाढ़ की चपेट में राज्य के 25 जिले हैं. राज्य में बाढ़ के कारण 11 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि सेना, वायुसेना और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं. असम के कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से दूरदराज इलाकों में फंसे लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
बाढ़ में 68 लोगों की मौत, 26 हजार पशुओं की जान गई
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से बाढ़ संबंधी बुलेटिन के अनुसार 19 जुलाई से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि, बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं. 11 जिलों शिवसागर, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप महानगर, कार्बी आंगलोंग और नागांव में सर्वाधिक लोग प्रभावित हुए हैं.
असम में दशकों बाद इतनी भयानक बाढ़ आई है, जिसने इंसानों और जानवरों, दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस आपदा में 8.82 लाख पालतू और फार्म के जानवर प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 26,512 जानवरों की मौत हो गई है. बाढ़ ने 68 लोगों की जान भी ले ली है और कई जिलों में 7.5 लाख से ज्यादा लोगों पर इसका असर पड़ा है. पशु कल्याण संगठन सरकार के साथ मिलकर 10,000 से ज्यादा घायल और सदमे में आए जानवरों की मदद कर रहे हैं. ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया और जस्ट बी फ्रेंडली जैसे संगठन राज्य सरकार के सहयोग से पशु चिकित्सा शिविर लगा रहे हैं.
48 हजार हेक्टेयर में खड़ीं फसलें बाढ़ की चपेट में
असम में बाढ़ से प्रभावित 25 जिलों में 48,742 हेक्टेयर हजार हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है, जिससे किसानों की धान सहित कई खरीफ फसलें बुरी तरह प्रभावित और खराब हुई है. यह स्थिति ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ने और कई तटबंधों के टूटने के कारण उत्पन्न हुई है. विभिन्न जिलों में आई बाढ़ के कारण लगातार फसल और संपत्ति का नुकसान हो रहा है. सबसे ज्यादा किसानों को नुकसान हुआ है. चाय बागान, जूट की फसल, बांस, धान और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
बाढ़ में घिरे 1800 गांव, हजारों मवेशी बहे
असम सरकार के अनुसार राज्य में बाढ़ से 2157 गांवों में पानी में भर गया है और सड़क, पुलिया आदि ढांचा बुरी तरह टूट गया है. 1180 घर पूरी तरह ढह चुके हैं और 9926 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रभावित लोगों के लिए 215 से ज्यादा राहत शिविर बनाए हैं, जहां अभी लगभग 71,000 से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं.
असम सरकार के आधिकारिक आंकड़े.
पीएम मोदी ने असम सांसदों से की मुलाकात, बाढ़ हालात पर की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने असम के सांसदों से मुलाकात कर बाढ़ के हालात पर चर्चा की. पीएम ने कहा कि प्रभावित लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है. असम में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की. केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है.
विधायक बाढ़ राहत के लिए एक महीने का वेतन देंगे
असम के रायजोर दल के विधायकों को छोड़कर राज्य के सभी विधायकों ने बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने की मंगलवार को घोषणा की. विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने कहा कि वह और उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन बाढ़ राहत के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करेंगे.
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने असम के लोगों के लिए विशेष पैकेज मांगा
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने संसद में कहा कि मैं असम में आई बाढ़ और वहां लगभग 70 लोगों की मौत की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं. दुखी मन से मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि वह असम के लोगों के लिए एक विशेष पैकेज दें. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर कहा, “यह साफ है कि यह सरकार शिक्षा विभाग को लेकर गंभीर नहीं है और सुधार नहीं लाना चाहती है. यह बिल सिर्फ एक दिखावा है. यह कानून आपकी विफलता का सबूत है.