महाराष्ट्र में सूखा स्थिति से चारा संकट गहराया, क्या किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी होगा

Maharashtra Special Relief Package for Farmers: सीएम को भेजी चिट्ठी में बताया गया कि मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तरी महाराष्ट्र में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है, जहां कृषि योग्य भूमि का एक बड़ा हिस्सा बारिश पर निर्भर है.

नोएडा | Updated On: 7 Sep, 2026 | 03:28 PM

महाराष्ट्र में के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश के चलते सूखा स्थितियों ने खेती के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. अल नीनो के चलते मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र में कम बारिश दर्ज की गई है. इससे इन इलाकों के किसानों को फसलों को सूखने से बचाने के लिए जूझना पड़ रहा है. जबकि, सिंचाई खर्च के साथ ही कृषि लागत बढ़ गई है. वहीं, पशुपालकों को चारा संकट का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे किसानों को विशेष राहत पैकेज घोषित किए जाने की मांग महाराष्ट्र के दिग्गज कांग्रेस नेता धीरज देशमुख ने सीएम देवेंद्र फडणवीस से की है. वहीं, माना जा रहा है कि राज्य कृषि विभाग भी सूखा स्थितियों से प्रभावितों को राहत राशि देने के लिए सर्वे कर रहा है.

अल नीनो के प्रभाव से नुकसान झेल रहे किसान

महाराष्ट्र के लातूर ग्रामीण के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता धीरज देशमुख ने महाराष्ट्र सरकार से लंबे समय तक सूखे जैसे हालात, कम बारिश और अल नीनो के प्रभाव से नुकसान झेल रहे किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की मांग करते हुए सीएम देवेंद्र फड़णवीस के चिट्ठी लिखी है. पूर्व विधायक ने चिट्ठी में कहा कि कम और अनियमित बारिश, भूजल स्तर में गिरावट और मिट्टी में नमी की कमी से मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र में बारिश पर निर्भर खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है.

सीएम को भेजी चिट्ठी में विशेष राहत पैकेज की मांग

कांग्रेस नेता धीरज देशमुख ने महाराष्ट्र सरकार से उन किसानों के लिए एक खास राहत पैकेज की घोषणा करने की अपील की है, जिन्हें लंबे समय तक सूखे, कम बारिश और अल-नीनो के असर के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक पत्र में कहा कि कई इलाकों में बुवाई में देरी हुई है, जबकि खड़ी फसलें खराब हो गई हैं, जिससे किसान भारी आर्थिक संकट में हैं.

किसानों को कर्ज भुगतान में राहत और ब्याज माफी हो

देशमुख ने प्रभावित इलाकों में तुरंत जिला और तालुका स्तर पर फसल के नुकसान का आकलन करने और जहां जरूरी हो, वहां सूखा घोषित करने की मांग की. उन्होंने यह भी मांग की कि मुआवजा सीधे DBT के जरिए किसानों के बैंक खातों में भेजा जाए, कृषि ऋणों का पुनर्गठन किया जाए, ब्याज माफ किया जाए और संकट के दौरान अनिवार्य ऋण वसूली को तुरंत रोका जाए.

पशुओं के लिए चारा शिविर और चारा बैंक खोले जाएं

उन्होंने कहा कि बारिश पर निर्भर खेती करने वाले किसानों को विशेष आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए, साथ ही पशुधन की सुरक्षा के लिए तुरंत चारा शिविर और चारा बैंक खोले जाने चाहिए. देशमुख ने कहा कि सरकार को किसानों को राहत देने के लिए तत्काल आर्थिक सहायता, फसल सुरक्षा उपायों और दीर्घकालिक उपायों को मिला-जुलाकर लागू करना चाहिए.

मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तरी महाराष्ट्र में हालात चिंताजनक

उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तरी महाराष्ट्र और सूखे की आशंका वाले अन्य क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर है, जहां कृषि योग्य भूमि का एक बड़ा हिस्सा बारिश पर निर्भर है. उन्होंने लिखा कि बुवाई में देरी या कमी, फसल पर दबाव, पैदावार में कमी और खड़ी फसल के नुकसान ने किसानों की आय को प्रभावित किया है और उन पर कई तरह का आर्थिक दबाव डाला है. उन्होंने समय पर और लक्षित नीतिगत उपायों की जरूरत पर जोर दिया.

Published: 7 Sep, 2026 | 03:12 PM

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