हरियाणा में टारगेट से 5 लाख टन ज्यादा गेहूं खरीदी, किसानों को मिले 19687.75 करोड़ रुपये

हरियाणा में रबी विपणन सीजन 2026-27 के दौरान सरकार ने लक्ष्य से ज्यादा 80.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा. 2,585 रुपये MSP पर हुई खरीद में सिरसा जिला सबसे आगे रहा. राज्य में इस सीजन कुल 121.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन दर्ज किया गया.

नोएडा | Updated On: 17 May, 2026 | 07:50 AM

Wheat Procurement: हरियाणा में रबी विपणन सीजन 2026-27 की गेहूं खरीद प्रक्रिया 15 मई को खत्म हो गई. करीब 45 दिन तक चली इस खरीद में सरकार ने तय लक्ष्य 75 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा यानी 80.89 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा. यानी लक्ष्य से 5 लाख टन ज्यादा गेहूं खरीदा गया. इस दौरान मंडियों में कुल 84.45 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंचा. पिछले साल मंडियों में 75.61 लाख मीट्रिक टन गेहूं आया था, जिसमें से 72.41 लाख मीट्रिक टन सरकार ने खरीदा था, जबकि बाकी गेहूं निजी व्यापारियों ने खरीदा था.

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने 1 अप्रैल से गेहूं खरीद अभियान शुरू किया था. शुरुआत में राज्यभर में 416 खरीद केंद्र बनाए गए थे, जिन्हें बाद में बढ़ाकर 589 कर दिया गया. हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (HAFED), हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने किसानों से 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य  (MSP) पर गेहूं की खरीद की.

किस जिले में कितनी हुई गेहूं खरीदी

देश में गेहूं उत्पादन के मामले में दूसरे स्थान पर रहने वाले हरियाणा में इस सीजन कुल 121.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन  दर्ज किया गया. ई-खरीद पोर्टल के अनुसार गेहूं खरीद और जे-फॉर्म प्रदर्शन में सिरसा जिला सबसे आगे रहा, जहां गुरुवार रात 8 बजे तक 10.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई. यहां 1.09 लाख किसानों ने अपनी फसल बेची. इसके बाद जींद में 8.31 लाख मीट्रिक टन, करनाल में 7.55 लाख मीट्रिक टन, फतेहाबाद में 7.40 लाख मीट्रिक टन, कैथल में 6.96 लाख मीट्रिक टन, हिसार में 6.68 लाख मीट्रिक टन और कुरुक्षेत्र में 5.20 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई.

किसानोंं को मिले 19,687.75 करोड़ रुपये

आंकड़ों के मुताबिक सरकार ने अब तक गेहूं खरीद के बदले 10,03,530 किसानों के खातों  में 19,687.75 करोड़ रुपये की राशि भेज दी है. भुगतान के मामले में सिरसा जिला सबसे आगे रहा, जहां किसानों को 2,534 करोड़ रुपये दिए गए. इसके बाद करनाल में 1,902 करोड़ रुपये और जींद में 1,864 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. करनाल के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) राहुल रायया ने द ट्रिब्यून को बताया कि इस सीजन खरीद प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु रही. अधिकांश खरीद केंद्रों से गेहूं का उठान पूरा हो चुका है, जबकि असंध क्षेत्र में यह काम अभी जारी है.

गेहूं खरीद के नियम काफी सख्त

पिछले साल करनाल, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में सामने आए करोड़ों रुपये के धान खरीद घोटाले को देखते हुए सरकार ने इस सीजन गेहूं खरीद के नियम काफी सख्त कर दिए थे. इसके बावजूद खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला सामने आया. उत्तर प्रदेश से गेहूं हरियाणा की मंडियों में लाने के आरोप में छह आढ़तियों के खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज की गई हैं. जांच में खुलासा हुआ कि उत्तर प्रदेश के बिना पंजीकरण वाले किसानों का गेहूं फर्जी तरीके से हरियाणा के किसानों के नाम पर करनाल की कम से कम तीन अलग-अलग अनाज मंडियों में बेचा जा रहा था. मामले की आगे की जांच अभी जारी है.

Published: 17 May, 2026 | 07:41 AM

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