45 करोड़ का बकाया जारी, अब सेब खरीद प्रक्रिया हुई डिजिटल.. पोर्टल पर करना होगा पंजीकरण

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत सेब किसानों का बकाया चुकाने के लिए 45 करोड़ रुपये जारी किए हैं. साथ ही सेब खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है. किसान अब ऑनलाइन पंजीकरण, टाइम स्लॉट बुकिंग और एसएमएस के जरिए भुगतान व खरीद की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

नोएडा | Updated On: 18 Jul, 2026 | 01:59 PM

Apples Purchase: हिमाचल प्रदेश के सेब किसानों के लिए अच्छी खबर है. राज्य सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत किसानों का बकाया चुकाने के लिए 45 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इसके साथ ही सेब खरीद प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है. अब सेब खरीद से लेकर प्रोसेसिंग तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. वहीं, सरकार ने कहा है कि सेब बेचने वाले किसानों को पहले पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा.

दरअसल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत किसानों का बकाया चुकाने के लिए 45 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. इस योजना के तहत सरकार किसानों से तय सरकारी कीमत पर कम गुणवत्ता वाले (कुल/ग्रेड से बाहर) सेब खरीदती है. इन सेबों का इस्तेमाल प्रोसेसिंग या नीलामी के लिए किया जाता है. पिछले साल सरकार ने इस योजना के तहत रिकॉर्ड खरीद की थी, जिसकी कुल कीमत करीब 120 करोड़ रुपये रही. साथ ही बागवानी विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत 30 बोरी तक सेब बेचने वाले किसानों का भुगतान पहले ही किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि बाकी बकाया राशि का भुगतान करने के लिए सरकार ने 45 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं.

सेब किसानों के लिए नई वेबसाइट लॉन्च

वहीं, मौजूदा सीजन में मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत सेब खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने योजना की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च की. इस डिजिटल प्लेटफॉर्म  के जरिए सेब खरीद से लेकर प्रोसेसिंग तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज की जाएगी, जिससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी और तेज होगी.

किसानों को पहले पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा

सरकार ने कहा कि सेब बेचने वाले किसानों को पहले पोर्टल पर पंजीकरण  कराना होगा. इसके लिए उन्हें आधार नंबर, जमीन के दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी. किसान पोर्टल के जरिए अपनी उपज बेचने के लिए पहले से टाइम स्लॉट भी बुक कर सकेंगे, जिससे मंडियों में इंतजार कम होगा और सुविधा बढ़ेगी. सरकार के अनुसार, किसानों को सेब खरीद और भुगतान की पूरी जानकारी एसएमएस के जरिए मोबाइल पर मिलेगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी.

खरीद केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात करने के निर्देश

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेब खरीद सीजन के दौरान सभी खरीद केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात किए जाएं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दूसरे विभागों के कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई जा सकती है. साथ ही अधिकारियों को सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए.

Published: 18 Jul, 2026 | 01:55 PM

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