कर्नाटक में सूखे से 18 हजार करोड़ का नुकसान, 101 तालुकों में फसल बर्बाद.. किसान परेशान
कर्नाटक में कम बारिश से खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है. शुरुआती 101 सूखा प्रभावित तालुकों में फसल और आर्थिक नुकसान करीब 18,000 करोड़ रुपये आंका गया है. राज्य सरकार जल्द केंद्र को NDRF के तहत राहत के लिए ज्ञापन भेजेगी. उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने किसानों की मदद और कर्जमाफी के लिए भी केंद्र से सहयोग की मांग की है.
कर्नाटक में इस साल औसत से कम बारिश होने के चलते खरीफ फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. इससे पैदावर में गिरावट की आशंका जताई जा रही है. उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने कहा है कि राज्य के शुरुआती 101 सूखा प्रभावित तालुकों में फसल और आर्थिक नुकसान करीब 18,000 करोड़ रुपये का है. उन्होंने कहा है कि सूखे की वजह से इन इलाकों में किसानों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ है.
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डिप्टी सीएम डॉ. जी. परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक सरकार जल्द ही केंद्र सरकार को पहला औपचारिक ज्ञापन भेजेगी. इसमें NDRF के नियमों के तहत राज्य के लिए आपदा राहत की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त ज्ञापन भी केंद्र को भेजे जाएंगे. परमेश्वर ने कहा कि 101 तालुकों को आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है. यह फैसला सैटेलाइट तस्वीरों, मिट्टी में नमी और सूखे की अवधि से जुड़े मानकों के आधार पर लिया गया है.
कर्नाटक को केंद्र से पर्याप्त मदद मिलने की उम्मीद
उन्होंने बताया कि इसके अलावा 42 अन्य तालुकों में भी जमीन पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है. इनमें 24 तालुकों का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि 18 तालुकों में जांच अभी जारी है. उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि पिछले सूखे के दौरान राज्य ने केंद्र से बड़ी आर्थिक मदद मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के बाद सिर्फ 3,500 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी.
किसानों की कर्जमाफी के लिए केंद्र से मदद मांगती रहेगी राज्य सरकार
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए लगातार मदद मांगती रहेगी. इसमें कर्जमाफी जैसे कदमों पर विचार भी शामिल है. हालांकि, देशभर में कृषि ऋण माफ करने का फैसला मुख्य रूप से केंद्र सरकार के स्तर पर होना चाहिए. परमेश्वर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने देशभर के किसानों के 72,000 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किए थे.
किसानों की कर्जमाफी के लिए बीजेपी नेता केंद्र से करें बात
परमेश्वर ने कहा कि बीजेपी के राज्य के सांसदों समेत सभी बड़े नेता केंद्र सरकार के पास प्रतिनिधिमंडल लेकर जाएं और किसानों की कर्जमाफी की मांग करें. उन्होंने कहा कि इससे पहले राज्य सरकारों ने भी किसानों का कर्ज माफ किया है. कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार, जिसकी अगुवाई एच.डी. कुमारस्वामी ने की थी, ने भी किसानों के कृषि ऋण माफ किए थे.