खरीफ सीजन में किसानों को बड़ी राहत, दलहनी फसलों के बीज पर 50 फीसदी सब्सिडी और मुफ्त किट

उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन में दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की है. किसानों को मुफ्त मिनी किट और 50 फीसदी सब्सिडी पर प्रमाणित बीज दिए जाएंगे. योजना का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार लाना है, जिससे कृषि क्षेत्र मजबूत होगा.

नोएडा | Updated On: 2 Jul, 2026 | 07:49 PM

Pulse Crops: उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन में दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, दलहन उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में सुधार करना है. सरकार किसानों को मूंग, उड़द और अरहर जैसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि राज्य में दालों का उत्पादन बढ़ सके और किसानों को बेहतर लाभ मिल सके.

मुफ्त मिनी किट और 50 फीसदी अनुदान पर बीज

योजना के तहत पात्र किसानों को दलहनी फसलों की खेती  के लिए मुफ्त मिनी किट प्रदान की जाएगी. इसके साथ ही प्रमाणित बीज 50 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा. सरकार ने खरीफ सीजन के लिए उड़द, मूंग और अरहर के कई कुंतल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए हैं. इन बीजों का वितरण विभागीय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाला बीज सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना है. इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को खेती में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

कैसे करें आवेदन और कहां मिलेगा लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है. आवेदन प्रक्रिया कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल  पर उपलब्ध है, जिसका पता agriculture.up.gov.in है. किसान इस वेबसाइट पर जाकर योजना से संबंधित आवेदन फॉर्म भर सकते हैं और आवश्यक दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, भूमि रिकॉर्ड आदि अपलोड करके प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे. इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर आवेदन करें. बिना पंजीकरण या बुकिंग के किसी भी किसान को बीज या मिनी किट उपलब्ध नहीं कराई जाएगी, इसलिए प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है.

चयन प्रक्रिया और किसानों को होने वाले लाभ

यदि आवेदन करने वाले किसानों की संख्या निर्धारित लक्ष्य से अधिक होती है, तो लाभार्थियों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा. इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मूंग, उड़द और अरहर जैसी दलहनी फसलें  न केवल किसानों की आय बढ़ाती हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी सुधारती हैं. इन फसलों से जमीन में नाइट्रोजन बढ़ता है, जिससे अगली फसल की पैदावार बेहतर होती है. इस योजना से राज्य में दलहन उत्पादन मजबूत होगा और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आने की संभावना है.

Published: 3 Jul, 2026 | 06:00 AM

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