खरीफ बुवाई में आई तेजी, धान ने दी राहत… दलहन-तिलहन ने बढ़ाई सरकार की टेंशन

सरकार ने इस खरीफ सीजन में 17.616 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसमें 12.315 करोड़ टन चावल, 84 लाख टन दलहन, 3.104 करोड़ टन मक्का और 1.356 करोड़ टन मोटे अनाज शामिल हैं. वहीं, तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 2.892 करोड़ टन रखा गया है, जिसमें 1.485 करोड़ टन सोयाबीन और 1.135 करोड़ टन मूंगफली का लक्ष्य शामिल है.

नोएडा | Updated On: 14 Jul, 2026 | 09:37 AM

देश में खरीफ फसलों की बुवाई धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है. 10 जुलाई तक किसानों ने 531.25 लाख हेक्टेयर में बुवाई कर ली है, जो इस सीजन के सामान्य बुवाई क्षेत्र का करीब 48 फीसदी है. हालांकि, पिछले साल इसी तारीख तक 632.69 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी. यानी इस बार अब भी बुवाई करीब 16 फीसदी पीछे चल रही है. ऐसे पिछले सप्ताह किसानों ने 180 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बुवाई की, लेकिन यह भी पिछले साल की समान अवधि के करीब 190 लाख हेक्टेयर से कम रही. विशेषज्ञों का मानना है कि कई कृषि प्रधान राज्यों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण अगले सप्ताह बुवाई की गति भी कुछ कम रह सकती है.

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई तक धान की बुवाई  का अंतर और कम होकर 9 फीसदी रह गया है. 5 जुलाई तक यह कमी 13 फीसदी थी. इस साल अब तक 114.69 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय यह 125.53 लाख हेक्टेयर थी. हालांकि, दलहन और तिलहन की बुवाई में कमी सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इन फसलों की घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत को आयात पर निर्भर रहना पड़ता है. 10 जुलाई तक दलहन की बुवाई 56.63 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल 73.85 लाख हेक्टेयर थी. वहीं, तिलहन का रकबा घटकर 117.83 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि पिछले साल यह 149.18 लाख हेक्टेयर था.

मोटे अनाज की बुवाई में 21 फीसदी गिरावट

इसके अलावा, मोटे अनाज (न्यूट्री/कोर्स सीरियल) की बुवाई भी 21 फीसदी घटकर 98.69 लाख हेक्टेयर रह गई. कपास की बुवाई 15 फीसदी कम होकर 79.54 लाख हेक्टेयर रही. वहीं, सोयाबीन का रकबा घटकर 90.51 लाख हेक्टेयर और मूंगफली का रकबा 23.40 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दलहन फसलों की बुवाई में भी कमी दर्ज की गई है. अरहर की बुवाई 19.54 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल के 28.03 लाख हेक्टेयर से करीब 30 फीसदी कम है. वहीं, मूंग की बुवाई 21.52 लाख हेक्टेयर और उड़द की बुवाई 9.34 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले साल की तुलना में कम है.

किस फसल की कितने हेक्टेयर में हुई बुवाई

फसल 2025 (लाख हेक्टेयर) 2026 (लाख हेक्टेयर) बदलाव (%)
धान 125.53 114.69 -8.6
दलहन 73.85 56.63 -23.3
अरहर 28.03 19.54 -30.3
उड़द 13.29 9.34 -29.7
मूंग 24.08 21.52 -10.6
श्री अन्न (मोटे अनाज) 127.30 98.69 -22.5
ज्वार 9.01 6.88 -23.6
बाजरा 45.98 33.76 -26.6
रागी 1.11 0.93 0.93
मक्का 69.56 55.97 -19.5
तिलहन 149.18 117.83 -21.0
मूंगफली 35.45 23.40 -34.0
सोयाबीन 107.72 90.51 -16.0
कपास 93.95 79.54 -15.3
गन्ना 56.72 57.58 +1.5
कुल खरीफ बुवाई 632.69 531.25 -16.0

                                                        स्रोत: कृषि मंत्रालय (10 जुलाई तक के आंकड़े)

मोटे अनाज की बात करें तो ज्वार, बाजरा, रागी और मक्का  सभी का रकबा घटा है. ज्वार की बुवाई 6.88 लाख हेक्टेयर, बाजरा की 33.76 लाख हेक्टेयर, रागी की 0.93 लाख हेक्टेयर और मक्का की 55.97 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले साल के मुकाबले कम है. हालांकि, गन्ने की बुवाई में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.  इस साल 57.58 लाख हेक्टेयर में गन्ने की बुवाई पूरी हो चुकी है, जबकि पिछले साल यह 56.72 लाख हेक्टेयर थी. वहीं, जूट और मेस्ता की बुवाई भी पूरी हो चुकी है और इसका रकबा बढ़कर 6.28 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 6.16 लाख हेक्टेयर था.

देश में बारिश अब भी सामान्य से कम

1 जुलाई के बाद मानसून में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन देश में बारिश अब भी सामान्य से कम है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 जून से 13 जुलाई के बीच देश में बारिश 19 फीसदी कम रही है. जून में यह कमी 37 फीसदी थी, इसलिए स्थिति में कुछ सुधार हुआ है. हालांकि, 11 से 13 जुलाई के दौरान फिर से बारिश में 42 फीसदी की कमी दर्ज की गई. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रमुख कृषि राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना कम है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है.

सरकार ने तय किया उत्पादन लक्ष्य

सरकार ने इस खरीफ सीजन में 17.616 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसमें 12.315 करोड़ टन चावल, 84 लाख टन दलहन, 3.104 करोड़ टन मक्का और 1.356 करोड़ टन मोटे अनाज शामिल हैं. वहीं, तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 2.892 करोड़ टन रखा गया है, जिसमें 1.485 करोड़ टन सोयाबीन और 1.135 करोड़ टन मूंगफली का लक्ष्य शामिल है.

 

 

Published: 14 Jul, 2026 | 09:32 AM

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