किसानों को बड़ी राहत, इस दिन से MSP पर शुरू होगी मक्का की खरीद

जिले के तरबगंज तहसील के नवाबगंज, बेलसर, परसपुर और झंझरी ब्लॉक के कुछ इलाकों में लंबे समय से ग्रीष्मकालीन हाइब्रिड मक्का  की खेती होती रही है. अब मोटे अनाज को बढ़ावा मिलने के बाद कर्नलगंज और मनकापुर के किसान भी बड़ी संख्या में मक्का उगाने लगे हैं. जिले में करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती हो रही है.

नोएडा | Published: 18 May, 2026 | 01:49 PM

Maize Purchase: उत्तर प्रदेश में मक्का की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है. सरकार ने 15 जून से न्यूनतम समर्थन मूल (MSP) पर मक्का खरीद शुरू करने का फैसला किया है. खास बात यह है कि मक्का की खरीद गोंडा सहित कई जिलों में की जाएगी. ऐसे में प्रशासन ने मक्का खरीद की तैयारियां तेज कर दी हैं.  शासन के निर्देश के अनुसार गोंडा जिले में 15 जून से किसानों से मक्का की सरकारी खरीद शुरू होगी. इस साल मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि गोंडा जिले में अब तक गन्ना, तंबाकू और सब्जियों को नकदी फसल  माना जाता था, लेकिन अब मक्का भी किसानों के लिए कमाई का बड़ा विकल्प बनता जा रहा है. मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलने और मक्का की अच्छी पैदावार को देखते हुए सरकार ने खरीदी का फैसला लिया है. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से किसानो को फायदा होगा. उन्हें उनकी उपज का बेहतर रेट मिलेगा.

कितना है मक्का का MSP

हालांकि पिछले साल भी जिले में मक्का की सरकारी खरीद शुरू की गई थी, लेकिन यह पहली बार होने के कारण ज्यादातर किसानों को इसकी जानकारी ही नहीं मिल पाई थी. इसके अलावा खरीद का लक्ष्य सिर्फ 1,000 क्विंटल रखा गया था और खरीद केंद्र भी कम खोले गए थे, जिससे कई किसान इसका लाभ नहीं ले सके. इस बार सरकार ने ज्यादा खरीद केंद्र खोलने की तैयारी की है, ताकि किसानों को मक्का का लाभकारी मूल्य 2,410 रुपये प्रति क्विंटल मिल सके. पहले जिले में मक्का की खेती ज्यादा होती थी, लेकिन धीरे-धीरे धान, गेहूं और गन्ने की खेती बढ़ने से इसका रकबा कम हो गया.

बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म

प्रशासन का कहना है कि मक्का खरीद का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाना और बिचौलियों की भूमिका  कम करना है. पिछले कुछ वर्षों में जिले में मक्का की खेती तेजी से बढ़ी है. अब धान और गन्ने के साथ मक्का भी किसानों की प्रमुख नकदी फसल बनती जा रही है. कृषि विभाग के मुताबिक, जिले के कई ब्लॉकों में बड़े स्तर पर मक्का की खेती हो रही है, इसलिए खरीद केंद्रों की व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है.

इन इलाकों में मक्का की ज्यादा खेती

तरबगंज तहसील के नवाबगंज, बेलसर, परसपुर और झंझरी ब्लॉक के कुछ इलाकों में लंबे समय से ग्रीष्मकालीन हाइब्रिड मक्का  की खेती होती रही है. अब मोटे अनाज को बढ़ावा मिलने के बाद कर्नलगंज और मनकापुर के किसान भी बड़ी संख्या में मक्का उगाने लगे हैं. जिले में करीब 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती हो रही है. इसकी पैदावार भी बढ़कर लगभग 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है. यही वजह है कि अब मक्का 20 हजार से ज्यादा किसानों की कमाई का बड़ा जरिया बनता जा रहा है.

किसानों को नहीं होगी परेशानी

अधिकारियों का कहना है कि खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी. वहीं शासन के निर्देश के अनुसार सभी तैयारियां समय पर पूरी की जा रही हैं और अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दे दिए गए हैं, ताकि अगले महीने से खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से शुरू हो सके.

 

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