आम-लीची के फल बार-बार फट रहे हैं? ये 5 बड़ी गलतियां कर रहीं आपकी पूरी फसल बर्बाद! एक्सपर्ट से जानें उपाय

Mango Fruit Cracking: आम और लीची में फलों के फटने की समस्या जलवायु परिवर्तन, असंतुलित सिंचाई और पोषक तत्वों की कमी के कारण बढ़ रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है. सही सिंचाई प्रबंधन, कैल्शियम-बोरॉन का उपयोग, मल्चिंग और समय पर देखभाल अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और उत्पादन बढ़ाया जा सकता है.

नोएडा | Published: 1 Apr, 2026 | 06:24 PM

Mango-Litchi Fruit Cracking: उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में आम और लीची की खेती किसानों की आय का मुख्य साधन है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ी समस्या तेजी से बढ़ी है फलों का फटना (Fruit Cracking). यह समस्या न केवल उत्पादन घटाती है, बल्कि फलों की गुणवत्ता को भी खराब कर देती है, जिससे बाजार में सही दाम नहीं मिल पाता. अगर इस समस्या को समय रहते समझकर सही उपाय अपनाए जाएं, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

बिहार स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह ने किसान इंडिया (Kisan India) से बातचीत में कहा कि, अगर किसान इस समय वैज्ञानिक तरीके से देखभाल करें, तो फलों का फटना कम हो सकता है.

क्या है फलों के फटने की समस्या?

फल विदारण (फलों का फटना) एक शारीरिक विकार है, जिसमें फल का बाहरी छिलका अचानक फट जाता है. आम में यह समस्या पकने के समय अधिक दिखाई देती है, जबकि लीची में यह अंतिम विकास चरण में होती है. इससे फल देखने में खराब हो जाता है और बाजार में उसकी कीमत कम हो जाती है.

फलों के फटने के मुख्य कारण

फलों के फटने से नुकसान

फलों को फटने से बचाने के आसान उपाय

फल फटने की समस्या से बचाव के लिए सही खेती प्रबंधन बेहद जरूरी है.

अंत में, सही समय पर तुड़ाई भी बहुत महत्वपूर्ण है. फल को अधिक पकने से पहले तोड़ लेना चाहिए और तुड़ाई सुबह या शाम के समय करने से गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है.

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