मसूर की फसल पर मंडरा रहा बड़ा खतरा! इस खतरनाक कीट से नहीं बचाया तो हो सकता है भारी नुकसान

Masoor Ki Kheti: रबी सीजन में मसूर की फसल पकने के अंतिम चरण में है, लेकिन इसी समय पोड बोरर यानी फली छेदक कीट का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. यह कीट फलियों में छेद कर अंदर मौजूद दानों को खा जाता है, जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसान समय पर खेत की निगरानी करें और संक्रमण बढ़ने पर इमामेक्टिन जैसे कीटनाशक का सही तरीके से छिड़काव करें, तो फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.

नोएडा | Updated On: 12 Mar, 2026 | 07:59 PM

Masoor Ki Fasal: रबी सीजन की फसलों की कटाई का समय धीरे-धीरे नजदीक आ रहा है. ऐसे में मसूर की खेती करने वाले किसानों के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है. इस समय मसूर की फसल में ज्यादातर फलियां बन चुकी हैं और पकने की अवस्था में पहुंच रही हैं. लेकिन मौसम के गर्म होने के साथ-साथ पोड बोरर (फली छेदक) कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. यह कीट मसूर की फलियों में छेद करके अंदर मौजूद दानों को खा जाता है, जिससे पैदावार पर गंभीर असर पड़ सकता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि, अगर समय रहते इस कीट की पहचान और नियंत्रण नहीं किया गया तो किसानों को उत्पादन में भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है. इसलिए इस समय खेतों की नियमित निगरानी करना बेहद जरूरी है.

मसूर की फसल के लिए क्यों खतरनाक है पोड बोरर

पोड बोरर मसूर की फसल को नुकसान पहुंचाने वाले सबसे खतरनाक कीटों में से एक माना जाता है. इसकी सुंडियां कोमल फलियों में छोटा सा छेद बनाकर अंदर प्रवेश कर जाती हैं और धीरे-धीरे दानों को खाना शुरू कर देती हैं.

अक्सर बाहर से फली बिल्कुल सामान्य दिखाई देती है, लेकिन अंदर का दाना पूरी तरह नष्ट हो चुका होता है. इससे न केवल उत्पादन कम होता है बल्कि दानों की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है. खराब गुणवत्ता के कारण बाजार में किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पाती.

विशेषज्ञों ने दी सघन निगरानी की सलाह

कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार इस समय मसूर की फसल बेहद महत्वपूर्ण अवस्था में है. इस चरण में पोड बोरर का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिलता है. उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों की नियमित निगरानी करें. सुबह या शाम के समय खेत का निरीक्षण करना सबसे अच्छा माना जाता है. इस दौरान यह देखना जरूरी है कि कहीं फलियों में छेद या कीट के लक्षण तो नहीं दिखाई दे रहे हैं. अगर समय रहते कीट की पहचान कर ली जाए तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है.

पोड बोरर की पहचान कैसे करें

किसानों के लिए इस कीट की पहचान करना बेहद जरूरी है. पोड बोरर की सुंडियां फलियों में छेद बनाकर अंदर चली जाती हैं और दानों को खाना शुरू कर देती हैं.

इसके प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

अगर खेत में ऐसी स्थिति दिखाई दे तो तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाने चाहिए, ताकि फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सके.

कीटनाशक का सही उपयोग कैसे करें

विशेषज्ञों के अनुसार कीटनाशकों का बिना सोचे-समझे प्रयोग करने से बचना चाहिए. सबसे पहले खेत में कीट की वास्तविक मौजूदगी की पुष्टि करनी चाहिए. अगर लगभग 5 प्रतिशत से अधिक फलियों में संक्रमण दिखाई देता है, तो प्रति एकड़ 100 ग्राम इमामेक्टिन (Emamectin) का घोल बनाकर छिड़काव किया जा सकता है. छिड़काव करते समय ध्यान रखें कि दवा पूरे पौधे पर समान रूप से पड़े.

फसल बचाने के लिए अपनाएं ये उपाय

मसूर की फसल को पोड बोरर से बचाने के लिए किसान कुछ सावधानियां भी अपना सकते हैं:

इन उपायों से कीट की संख्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है और फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है.

समय पर नियंत्रण से बचेगी पैदावार

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मसूर की फसल के अंतिम चरण में कीटों से सुरक्षा बेहद जरूरी होती है. सही समय पर की गई निगरानी और उपचार से किसान अपनी फसल को नुकसान से बचा सकते हैं. अगर किसान सतर्क रहकर वैज्ञानिक सलाह का पालन करते हैं, तो वे अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर उत्पादन के साथ अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं.

Published: 13 Mar, 2026 | 06:00 AM

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