मॉडल केवीके बदलेगा खेती का तरीका, वैज्ञानिक कृषि रोडमैप जारी करेंगे कृषि मंत्री   

Model KVK to transform farming: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को नकली खाद और बीज की पहचान कनरे का तरीका बताया जाएगा. इसके साथ ही उनसे बचाव के उपाय भी किसानों को बताए जाएंगे. खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग, नई फसल बुआई की विधियां भी वैज्ञानिक बताएंगे.

नोएडा | Published: 11 Jun, 2026 | 12:52 PM

मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र के जरिए स्थानीय किसानों को खेती की नई विधियां सिखाने, तकनीकी पहुंच के साथ उन्नत बीज उपलब्धता के साथ ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र में मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह मॉडल केंद्र किसानों की खेती करने का तरीका बदलेगा और उत्पादन बढ़ाने के साथ ही कमाई बढ़ाने वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करेगा.

मध्य प्रदेश के विदिशा से सांसद और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए एक ऐतिहासिक कार्यक्रम की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि 14 जून को विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में भारत के एक मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र (कृषि विज्ञान केंद्र) का शिलान्यास किया जाएगा. शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो संदेश जारी करते हुए किसान भाइयों और बहनों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हों. उन्होंने कहा 14 जून विदिशा संसदीय क्षेत्र के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा.

कई जिलों के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप जारी करने का ऐलान

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे बेरखेड़ी जट्टू में आयोजित होगा. इस अवसर पर केवल कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास ही नहीं होगा, बल्कि विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए तैयार किए गए ‘वैज्ञानिक कृषि रोडमैप’ को भी क्रियान्वित करने की शुरुआत की जाएगी. इस कार्यक्रम के तहत ‘खेत बचाओ अभियान’ भी चलाया जाएगा और कृषि योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी जाएगी.

वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की ट्रेनिंग मिलेगी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कृषि विज्ञान केंद्र देश के लिए एक मॉडल साबित होगा. यहां किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की पूरी ट्रेनिंग मिलेगी. उन्होंने किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि मेरा आप सबसे आग्रह है कि अपनी खेती को समयानुकूल और लाभकारी बनाने के लिए आप इस कार्यक्रम में जरूर पधारें. उन्होंने कहा कि यह पहल कृषि को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है. कृषि विज्ञान केंद्र न सिर्फ विदिशा बल्कि आसपास के जिलों के किसानों के लिए भी एक बेहतरीन संसाधन केंद्र बनेगा, जहां वे नई तकनीक, बेहतर बीज, उन्नत खेती के तरीके और विशेषज्ञ सलाह आसानी से पा सकेंगे.

नकली खाद-बीज की पहचान करना सिखाएंगे वैज्ञानिक

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को नकली खाद और बीज की पहचान कनरे का तरीका बताया जाएगा. इसके साथ ही उनसे बचाव के उपाय भी किसानों को बताए जाएंगे. खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग, नई फसल बुआई की विधियां भी वैज्ञानिक बताएंगे. इसके अलावा जैविक खेती, फसल प्रबंधन और मौसम आधारित सलाह जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी किसानों को दी जाएंगी. आधुनिक कृषि मशीनों का प्रदर्शन, विभिन्न स्टॉल और लाइव डेमो भी आयोजित किए जाएंगे.

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