सावन में करें इस सब्जी की खेती, सिर्फ 55-60 दिन में तैयार होगी फसल, बस न करें ये गलती

Monsoon Vegetable Farming: सावन का महीना अगेती फूलगोभी और पत्तागोभी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. किसान जुलाई-अगस्त में वैज्ञानिक तरीके से रोपाई कर 55-60 दिनों में फसल तैयार कर अच्छी कमाई कर सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, सही दूरी, स्वस्थ पौध, संतुलित खाद और उचित कीट प्रबंधन अपनाने से पैदावार और मुनाफा दोनों बढ़ते हैं.

नोएडा | Published: 26 Jul, 2026 | 05:12 PM

Vegetable Farming: बरसात का मौसम किसानों के लिए कई नई संभावनाएं लेकर आता है. खासकर सावन के महीने में कुछ ऐसी सब्जियों की खेती की जा सकती है, जो कम समय में तैयार होकर अच्छा मुनाफा देती हैं. इनमें अगेती फूलगोभी और पत्तागोभी प्रमुख हैं. अगर किसान जुलाई-अगस्त में इनकी रोपाई सही तरीके से करें, तो केवल 55 से 60 दिनों में फसल तैयार हो जाती है और बाजार में अच्छे दाम मिलने की संभावना रहती है. हालांकि कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद के अनुसार अच्छी कमाई के लिए सिर्फ खेती शुरू करना ही काफी नहीं है. सही दूरी पर रोपाई, स्वस्थ पौध का चयन, संतुलित खाद और कीट प्रबंधन जैसी बातों का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है.

सावन क्यों है सबसे अच्छा समय?

कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, जुलाई और अगस्त का मौसम अगेती फूलगोभी और पत्तागोभी की रोपाई के लिए अनुकूल माना जाता है. इस समय मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है, जिससे पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं. अगर समय पर रोपाई की जाए, तो फसल जल्दी तैयार होकर बाजार में पहुंच जाती है और किसानों को बेहतर दाम मिल सकते हैं.

सबसे बड़ी गलती, जो किसान अक्सर कर देते हैं

सीधी के कृषि सलाहकार अवनीश पटेल बताते हैं कि कई किसान ज्यादा उत्पादन की उम्मीद में पौधों को बहुत पास-पास लगा देते हैं. यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है. जब पौधों के बीच पर्याप्त दूरी नहीं होती, तो खेत में हवा का आवागमन कम हो जाता है. इससे नमी लंबे समय तक बनी रहती है और फफूंद व कीटों का खतरा बढ़ जाता है. परिणामस्वरूप पौधे कमजोर होने लगते हैं, उत्पादन घटता है और कीटनाशकों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है.

स्वस्थ पौध और अच्छी तैयारी से मिलेगी बेहतर पैदावार

अच्छी पैदावार के लिए सबसे पहले खेत की अच्छी तरह गहरी जुताई करें. इसके बाद खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद या दूसरी जैविक खाद अच्छी मात्रा में मिलाएं. जरूरत के अनुसार रासायनिक उर्वरकों का भी संतुलित इस्तेमाल करें, ताकि पौधों को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकें और उनकी बढ़वार अच्छी हो. रोपाई के लिए हमेशा 4 से 5 सप्ताह पुरानी, स्वस्थ और मजबूत पौध ही चुनें. ज्यादा पुरानी पौध लगाने से पौधों की बढ़वार धीमी हो जाती है, जिससे फसल की पैदावार भी कम हो सकती है.

सही दूरी रखने से बढ़ेगा उत्पादन

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगेती फूलगोभी और पत्तागोभी की खेती में लाइन से लाइन की दूरी 60 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 45 सेंटीमीटर रखना सबसे उपयुक्त रहता है. इस दूरी से हर पौधे को पर्याप्त धूप, हवा और पोषक तत्व मिलते हैं. साथ ही निराई-गुड़ाई, खरपतवार नियंत्रण, मिट्टी चढ़ाने और उर्वरक देने जैसे कृषि कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं. इससे मजदूरी का खर्च कम होता है और खेती ज्यादा लाभदायक बनती है.

कीटनाशकों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें

बरसात के मौसम में नमी बढ़ने से फसलों में कीट और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसान बिना जरूरत ज्यादा मात्रा में कीटनाशकों का छिड़काव करें. विशेषज्ञों का कहना है कि, किसान संतुलित तरीके से कीट नियंत्रण करें. सबसे पहले खेत की नियमित जांच करें और जब सच में कीट या बीमारी दिखाई दे, तभी सही दवा और सही मात्रा में उसका इस्तेमाल करें. इससे दवा पर खर्च कम होगा, फसल सुरक्षित रहेगी और सब्जियों की क्वालिटी भी अच्छी बनी रहेगी.

वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी कमाई

अगर किसान सही समय पर रोपाई करें, पौधों के बीच उचित दूरी रखें, संतुलित खाद का उपयोग करें और वैज्ञानिक तरीके से कीट नियंत्रण करें, तो अगेती फूलगोभी और पत्तागोभी की खेती कम समय में अच्छा मुनाफा दे सकती है. सावन का यह मौसम किसानों के लिए सब्जी उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त आय कमाने का बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है.

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