ओडिशा में आम सीजन की धमाकेदार शुरुआत, किसानों को मिला 80 फीसदी तक ज्यादा दाम

पिछले साल ओडिशा से 11 से ज्यादा देशों में 120 टन से अधिक आम का निर्यात किया गया था. यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि रही थी. अब इस साल भी सरकार और संबंधित एजेंसियां निर्यात को और बढ़ाने की योजना बना रही हैं. इस बार करीब 500 टन से ज्यादा आम के व्यापार का लक्ष्य रखा गया है.

नई दिल्ली | Published: 2 May, 2026 | 01:13 PM

Odisha mango season: ओडिशा में इस साल आम का सीजन किसानों के लिए अच्छी खबर लेकर आया है. 2026 के आम विपणन सीजन की शुरुआत काफी मजबूत तरीके से हुई है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं. सीजन की शुरुआत में ही बाजार में अच्छी मांग देखने को मिली है और किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिल रहा है.

इस बार आम की खेती से जुड़े किसानों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आ रही है, क्योंकि उन्हें पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा कीमत मिल रही है. इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि आगे के सीजन के लिए भी उम्मीदें मजबूत हुई हैं.

पहली खेप से मिला सकारात्मक संकेत

बिजनेस लाइन की खबर के अनुसार, इस सीजन की शुरुआत ओडिशा के ढेंकानाल जिले से हुई, जहां से 3 टन प्रीमियम गुणवत्ता के आम पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी भेजे गए. यह इस साल की पहली बड़ी घरेलू खेप थी, जिसने बाजार में अच्छा संकेत दिया है.

यह खेप मदनमोहन किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) के जरिए भेजी गई, जिसमें राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) का सहयोग रहा. इससे यह साफ होता है कि किसानों को अब बेहतर तरीके से बाजार से जोड़ा जा रहा है और उनकी उपज को दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हो रही है.

कीमतों में बड़ा उछाल

इस साल आम की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. पिछले साल जहां किसानों को औसतन 25 रुपये प्रति किलो का दाम मिल रहा था, वहीं इस बार यह बढ़कर करीब 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. यानी किसानों को करीब 80 प्रतिशत तक ज्यादा कीमत मिल रही है. यह बढ़ोतरी किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है और इससे उनकी आय में सीधा इजाफा हुआ है. इस तरह की अच्छी कीमत मिलने से किसान और ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं.

सरकारी योजनाओं का मिला लाभ

इस सफलता के पीछे सरकारी योजनाओं की भी बड़ी भूमिका है. यह पहल “किसान उत्पादक संगठनों के संवर्धन एवं स्थिरीकरण (PSFPO)” कार्यक्रम के तहत की जा रही है. इस योजना को कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग के बागवानी निदेशालय द्वारा संचालित किया जा रहा है. इसके क्रियान्वयन में पैलाडियम कंसल्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, गेट्स फाउंडेशन और हरशा ट्रस्ट जैसे संगठनों का सहयोग मिल रहा है. इन सभी प्रयासों के कारण किसानों को बेहतर बाजार, तकनीकी मदद और सही दाम मिल पा रहा है.

गुणवत्ता से बढ़ा भरोसा

पहली खेप में भेजे गए आम की गुणवत्ता काफी अच्छी रही, जिससे बाजार में इसकी अच्छी मांग बनी. खरीदारों ने भी इसे पसंद किया, जिससे किसानों का भरोसा और बढ़ गया है. जब उत्पाद की गुणवत्ता अच्छी होती है, तो उसकी मांग अपने आप बढ़ती है और इसका फायदा सीधे किसानों को मिलता है.

निर्यात में भी बढ़ रही संभावनाएं

पिछले साल ओडिशा से 11 से ज्यादा देशों में 120 टन से अधिक आम का निर्यात किया गया था. यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि रही थी. अब इस साल भी सरकार और संबंधित एजेंसियां निर्यात को और बढ़ाने की योजना बना रही हैं. इस बार करीब 500 टन से ज्यादा आम के व्यापार का लक्ष्य रखा गया है.

किसानों में बढ़ा उत्साह

बेहतर कीमत और बाजार मिलने से किसानों का उत्साह बढ़ गया है. वे अब अपनी फसल की गुणवत्ता पर और ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, ताकि उन्हें आगे भी अच्छा दाम मिल सके. इसके साथ ही किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़े.

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