त्योहारों से पहले प्याज की कीमतों में उछाल, 70 रुपये किलो पहुंचा भाव.. 20 रुपये तक और बढ़ सकते हैं दाम

त्योहारों से पहले प्याज की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है. गुजरात में प्याज का खुदरा भाव 60-70 रुपये किलो तक पहुंच गया है. महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश से फसल और स्टॉक को नुकसान हुआ है. इससे सप्लाई घट गई है. कारोबारियों को अगले तीन महीने तक कमी रहने की आशंका है. महंगाई से परिवारों ने खरीदारी भी घटा दी है.

नोएडा | Updated On: 27 Aug, 2026 | 08:16 AM

त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले ही गुजरात में प्याज की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है. करीब 15 दिन पहले 35-40 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब 60-70 रुपये किलो तक पहुंच गया है. कारोबारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में प्याज के दाम में 15-20 रुपये प्रति किलो की और बढ़ोतरी हो सकती है. कारोबारियों के मुताबिक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश के कारण प्याज के स्टॉक को नुकसान हुआ है. इससे गुजरात की मंडियों में प्याज की आवक कम हो गई है. सप्लाई घटने का असर थोक कीमतों पर भी पड़ा है. पिछले एक हफ्ते में थोक भाव 10-15 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं और अब कारोबारी 40-50 रुपये किलो के भाव पर प्याज बेच रहे हैं.

अहमदाबाद APMC के प्याज कारोबारी अमरजीत ने न्यूज वेबसाइट भास्कर इंग्लिश को कहा कि आमतौर पर मार्च और अप्रैल में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से प्याज की बड़ी मात्रा में सप्लाई होती है. लेकिन इस दौरान हुई बेमौसम बारिश से फसल को काफी नुकसान हुआ, जिससे बाजार में प्याज की आवक प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि करीब 25 फीसदी प्याज गुणवत्ता खराब होने की आशंका के चलते किसानों ने खेतों में ही छोड़ दिया. वहीं, एक और 25 फीसदी फसल को तुरंत निकालना पड़ा. बाकी करीब 50 फीसदी प्याज की सप्लाई उन इलाकों से हो रही है, जहां बारिश का ज्यादा असर नहीं पड़ा.

नई फसल आने तक तीन महीने प्याज की कमी का अनुमान

कारोबारियों का कहना है कि नए प्याज की फसल आने तक अगले तीन महीने तक बाजार में कमी बनी रह सकती है. हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि अगली फसल अच्छी रही तो प्याज की सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों में राहत मिल सकती है. एक अन्य कारोबारी अनवरभाई के मुताबिक, इस समय देशभर के बाजारों में प्याज की सप्लाई मुख्य रूप से नासिक और मध्य प्रदेश से हो रही है. इन इलाकों से आवक कम होने के कारण प्याज की कीमतों में तेजी  आई है. उन्होंने कहा कि अच्छी क्वालिटी का प्याज फिलहाल 45-50 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. सप्लाई की स्थिति इतनी खराब है कि अगर कोई कारोबारी 12-12 टन वाले दो ट्रकों का ऑर्डर देता है, तो उसे कई बार सिर्फ एक ट्रक जितना ही प्याज मिल पाता है. इसी तरह चार ट्रक प्याज का ऑर्डर देने पर सिर्फ दो ट्रक के बराबर माल मिल रहा है. कारोबारियों का कहना है कि उन्हें जरूरत के मुताबिक प्याज नहीं मिल पा रहा है, जिससे बाजार में सप्लाई का संकट बना हुआ है.

प्याज के दाम ने बढ़ाया किचन का बजट

राजकोट के जुबली वेजिटेबल मार्केट में पिछले 40 साल से प्याज का कारोबार कर रहे सलीमभाई दलवानी के मुताबिक, गांवों से आने वाले प्याज पर गर्मी और तेज धूप का असर पड़ा है. इससे प्याज की सप्लाई कम हुई है. वहीं, नासिक से भी प्याज की आवक घटने से आने वाले दो महीनों तक कीमतें ऊंची रहने की संभावना है. उन्होंने कहा कि प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंचने के बाद कई ग्राहक इसकी खरीदारी से बच रहे हैं. महंगे प्याज का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ रहा है.

थोक दाम बढ़ने से खुदरा बाजार में भी प्याज महंगा

सूरत APMC के सरदार मार्केट के सब्जी और प्याज-आलू के थोक कारोबारी बाबू शेख के मुताबिक, करीब एक महीने पहले 20 किलो प्याज का थोक भाव 500-600 रुपये था. सप्लाई प्रभावित होने के बाद अच्छी क्वालिटी के प्याज की कीमत बढ़कर 800-1,000 रुपये प्रति 20 किलो तक पहुंच गई है. थोक कीमतों में तेजी का असर खुदरा बाजार पर भी पड़ा है. महंगे प्याज के चलते घरेलू बजट संभालने के लिए कई परिवारों ने खरीदारी कम कर दी है. जो परिवार पहले एक बार में करीब 1 किलो प्याज खरीदते थे, वे अब खर्च कम करने के लिए सिर्फ 500 ग्राम ही खरीद रहे हैं.

Published: 27 Aug, 2026 | 08:14 AM

Topics: