पंजाब में बासमती की बंपर फसल की उम्मीद, 30 लाख टन तक पहुंच सकता है उत्पादन

पंजाब में इस खरीफ सीजन बासमती की बंपर फसल की उम्मीद है. उत्पादन करीब 30 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 20 लाख टन था. बासमती का रकबा भी बढ़ा है. बेहतर मौसम, अच्छी पैदावार और 1509 किस्म की बढ़ती खेती से किसानों को अच्छे दाम और मुनाफे की उम्मीद है. निर्यातकों की खरीद बढ़ने के भी संकेत हैं.

नोएडा | Updated On: 5 Sep, 2026 | 07:36 PM

पंजाब में इस खरीफ सीजन बासमती की बंपर फसल होने की उम्मीद है. बेहतर पैदावार और बढ़े रकबे के चलते राज्य में बासमती का उत्पादन करीब 30 लाख टन रहने का अनुमान है. पिछले साल यह करीब 20 लाख टन था. ऐसे भी इस साल बासमती की खेती का रकबा 50,000 हेक्टेयर बढ़कर 6.76 लाख हेक्टेयर हो गया है. ऑल इंडिया बासमती राइस एसोसिएशन ने सैटेलाइट तस्वीरों और अगस्त के पहले हफ्ते तक मिले खेतों के आंकड़ों के आधार पर देश में बासमती की खेती का शुरुआती अनुमान जारी किया है. इसके मुताबिक, देशभर में बासमती का रकबा करीब 1.6 फीसदी बढ़कर 86 लाख एकड़ हो गया है. पिछले साल यह 84.65 लाख एकड़ था.

पंजाब में 30 लाख टन बासमती उत्पादन होने की उम्मीद

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में 2014-15 में करीब 35.5 लाख मीट्रिक टन बासमती का उत्पादन हुआ था. इसके बाद 2015-16 में उत्पादन करीब 31.65 लाख मीट्रिक टन रहा. अगर इस साल बासमती का उत्पादन 30 लाख मीट्रिक टन या इससे ज्यादा पहुंचता है, तो यह पंजाब की अब तक की तीसरी सबसे बड़ी बासमती फसल हो सकती है. इससे पहले 2014-15 और 2015-16 में उत्पादन इससे ज्यादा रहा था.

अनुकूल मौसम और बढ़े रकबे से बासमती का उत्पादन बढ़ने के संकेत

पिछले साल पंजाब में बाढ़, लंबे समय तक चली गर्मी और खराब मौसम ने बासमती की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया था. इससे किसान और चावल उद्योग दोनों चिंतित थे. लेकिन इस साल बासमती की फसल राज्य की खेती के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभर रही है. खेतों में फसल की अच्छी स्थिति, बासमती का बढ़ा रकबा, अनुकूल मौसम और शुरुआती मंडियों में पहुंच रही फसल की अच्छी पैदावार को देखते हुए इस बार बंपर उत्पादन के संकेत मिल रहे हैं. इससे किसानों, मिलरों और कारोबारियों को अच्छे मुनाफे की उम्मीद है.

किसानों को अच्छे सीजन की उम्मीद

पिछले साल बाढ़ से फसल खराब होने के बाद इस बार निर्यातकों के पंजाब से बड़ी मात्रा में बासमती खरीदने की उम्मीद है. इससे किसानों और चावल कारोबारियों को अच्छे सीजन की उम्मीद और बढ़ गई है. कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) और ऑल इंडिया बासमती राइस एसोसिएशन के संयुक्त सर्वे के मुताबिक, इस साल बासमती की औसत पैदावार करीब 22 क्विंटल प्रति एकड़ रहने का अनुमान है. एक एकड़ से पैदा होने वाली बासमती की कीमत 1 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है.

देर से बारिश और बुवाई ने बदला फसल पैटर्न

इस साल पंजाब में फसलों के रकबे में भी बदलाव देखने को मिला है. बारिश देर से होने और बुवाई में देरी के कारण किसानों ने फसल का पैटर्न बदला है. राज्य कृषि विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, इस बार मक्का जैसी गैर-बासमती फसलों की काफी जमीन 1509 बासमती की खेती में लाई गई है. किसानों को उम्मीद है कि बासमती के बेहतर दाम मिल सकते हैं.

1509 बासमती की बढ़ी मांग, किसानों ने बदला फसल पैटर्न

पिछले कुछ वर्षों में पंजाब के किसान इस जमीन पर PR-126 और हाइब्रिड धान जैसी किस्मों की खेती करते थे. लेकिन इस साल कई किसान 1509 बासमती की ओर बढ़े हैं. इसकी वजह फसल का जल्दी तैयार होना, निर्यात बाजार में मांग और शुरुआती मंडियों में मिल रहे अच्छे दाम हैं. बासमती का रकबा बढ़ने से इस साल राज्य में कुल उत्पादन में भी बड़ी बढ़ोतरी की संभावना है. इससे किसानों को बेहतर कमाई की उम्मीद है.

Published: 5 Sep, 2026 | 07:12 PM

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