पंजाब सरकार ने किया तारीखों का ऐलान, चार चरणों में होगी धान बुवाई.. मिलेगी भरपूर बिजली
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि धान की बुवाई के लिए नहरों का पानी 1 मई से जारी किया जाएगा और पूरे राज्य में करीब 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएग. उन्होंने इसे पंजाब की भूजल पर भारी निर्भरता से एक बड़ा बदलाव बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 6,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
Punjab Paddy Farming: पंजाब में चार चरणों में धान की बुवाई होगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने धान बुवाई को लेकर तारीखों का ऐलान कर दिया है. योजना के अनुसार, पूरे पंजाब में 15 मई से 31 मई तक सीधी बुवाई (DSR) की अनुमति होगी, जबकि पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई 1 जून से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी. खास बात यह है कि धान बुवाई के दौरान गांवों में किसानों को भरपूर बिजली मिलेगी. इसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक विस्तृत कार्यक्रम और बिजली आपूर्ति योजना की घोषणा की है.
सरकार ने गिरते भूजल स्तर को बचाने और बिजली का बेहतर प्रबंधन करने के लिए राज्य को चार जोनों में बांटा गया है, जहां धान की रोपाई अलग-अलग समय पर की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा है कि कृषि क्षेत्र को रोजाना 8 घंटे बिना रुकावट बिजली दी जाएगी. किसानों की बुवाई के दौरान मदद के लिए 1 मई से नहरों का पानी भी उपलब्ध कराया जाएगा.
किसानों से DSR तकनीक अपनाने की अपील
उन्होंने कहा कि जोनिंग सिस्टम से बिजली ग्रिड पर अचानक दबाव नहीं पड़ेगा, बिजली का बेहतर वितरण होगा और बुवाई का समय फैलने से मजदूरों की कमी की समस्या भी कम होगी. साथ ही इस व्यवस्था से मंडियों में फसल की आवक को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा और खरीद के दौरान भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा. मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे पानी बचाने और टिकाऊ खेती के लिए धान की सीधी बुवाई (DSR) अपनाएं.
जोन के अनुसार धान की रोपाई का शेड्यूल
- जोन 1 (15 मई से): पूरे राज्य में धान की सीधी बुवाई (DSR) की अनुमति होगी.
- जोन 2 (1 जून से): गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, रूपनगर, एसएएस नगर (मोहाली), फतेहगढ़ साहिब और होशियारपुर में किसान धान की बुवाई कर सकेंगे.
- जोन 3 (5 जून से): फरीदकोट, बठिंडा, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिले में धान की खेती होगी.
- जोन 4 (9 जून से): लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला, संगरूर, बरनाला, कपूरथला, जालंधर और एसबीएस नगर (नवांशहर) में किसान करेंगे धान की खेती.
नहरों में 1 मई से छोड़ा जाएगा पानी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि धान की बुवाई के लिए नहरों का पानी 1 मई से जारी किया जाएगा और पूरे राज्य में करीब 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएग. उन्होंने इसे पंजाब की भूजल पर भारी निर्भरता से एक बड़ा बदलाव बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 6,700 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिसमें 14,000 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन की सफाई और 7,000 जलमार्गों व नहरों का निर्माण शामिल है. मान ने कहा कि सरकार धान के साथ-साथ कपास, मक्का, बागवानी और मालवा क्षेत्र में चारे की खेती के लिए भी पानी उपलब्ध कराएगी. उन्होंने यह भी बताया कि भूजल स्तर में सुधार हुआ है और कई क्षेत्रों में यह 2 से 4 मीटर तक बढ़ा है.
15 मई से धान की सीधी बुवाई शुरू
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने X (ट्विटर) पर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य भूजल के इस्तेमाल को कम करना और हर खेत तक नहर का पानी पहुंचाना है. उन्होंने बताया कि फाजिल्का और अबोहर जैसे अंतिम छोर के इलाकों में भी 2 मई तक पानी पहुंच जाएगा. इसके साथ ही बिजली की बचत और मजदूरों की सुविधा के लिए धान की बुवाई को चार जोनों में बांटा गया है. उन्होंने कहा कि 15 मई से धान की सीधी बुवाई (DSR) शुरू होगी और 1 जून से नहरों का पानी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा.