सरकार का बड़ा फैसला, बीटी कपास सहित 4 देसी किस्मों पर 33 फीसदी सब्सिडी का ऐलान
पंजाब सरकार ने किसानों को राहत देते हुए बीटी कॉटन हाइब्रिड और देसी कपास बीजों पर 33 फीसदी सब्सिडी जारी रखी है. यह योजना खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी. किसान 20 अप्रैल से ऑनलाइन आवेदन कर लाभ ले सकते हैं.
Cotton Cultivation: पंजाब में कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने बीटी कॉटन हाइब्रिड और देसी कपास के बीजों पर 33 फीसदी सब्सिडी देने का फैसला जारी रखा है. यह योजना 2025 में शुरू की गई थी. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से किसानों को काफी फायदा होगा. उनकी रूचि कपास की खेती में बढ़ेगी. इस तरह पंजाब में कपास का रकबा भी बढ़ेगा.
सरकार पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना द्वारा सुझाए गए 87 बीटी कॉटन हाइब्रिड और 4 देसी किस्मों LD1019, LD949, FDK124 और PBD88 के बीजों की लागत का करीब एक-तिहाई हिस्सा सरकार खुद देगी. यह सब्सिडी जांच के बाद सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी. ऐसे भी पिछले खरीफ सीजन में कपास की खेती का रकबा बढ़कर काफी ज्यादा हो गया. 2024 में जहां करीब 1 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती होती थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 1.19 लाख हेक्टेयर हो गई, यानी करीब 19 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. अब आने वाले सीजन के लिए सरकार ने 1.25 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती का लक्ष्य तय किया है.
सब्सिडी लेने के लिए ऑनलाइन करें आवेदन
सब्सिडी लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 20 अप्रैल से शुरू कर दिया गया है. कपास की बुवाई का सही समय 15 मई तक माना जाता है. इस कदम से किसानों को वैज्ञानिक रूप से सुझाई गई और ज्यादा उत्पादन देने वाली कपास की किस्में अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि देसी कपास और PAU द्वारा मंजूर बीटी हाइब्रिड बीजों के इस्तेमाल से पंजाब अपने पुराने कपास उत्पादन क्षेत्र को फिर से मजबूत कर सकेगा.
पोर्टल पर आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं
खुडियां ने सभी मुख्य कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों के बीच जागरूकता अभियान तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र किसान को ऑनलाइन पोर्टल तक आसानी से पहुंच मिल सके. उन्होंने कहा कि जानकारी या डिजिटल सुविधा की कमी के कारण कोई भी किसान इस योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए. साथ ही उन्होंने कपास किसानों से अपील की है कि वे समय रहते पोर्टल पर आवेदन करें और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं.
20 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू
मंत्री ने कपास को ‘सफेद सोना’ बताते हुए किसानों से अपील की है कि वे ज्यादा पानी लेने वाली धान की खेती छोड़कर वैज्ञानिक तरीके से विकसित और ज्यादा उत्पादन देने वाली कपास की किस्मों को अपनाएं. उन्होंने बताया कि सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 20 अप्रैल से शुरू हो चुका है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे पंजीकृत दुकानदारों से प्रमाणित बीज खरीदें और आवेदन के समय वैध बिल अपलोड करें. जांच पूरी होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी.
योजना से खेती में लागत कम होगी
सरकार का मानना है कि इस योजना से खेती की लागत कम होगी और उत्पादन व मुनाफा दोनों बढ़ेंगे, खासकर पंजाब के कपास क्षेत्र में. अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे जागरूकता अभियान चलाएं और पोर्टल तक आसान पहुंच सुनिश्चित करें ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ ले सकें.