बारिश से तापमान में गिरावट, गेहूं के लिए फायदेमंद मौसम.. PAU ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी
पंजाब में दोपहर को अचानक बारिश और तापमान में गिरावट से किसानों को राहत मिली. अमृतसर, अबोहर, संगरूर और लुधियाना सहित कई जिलों में हल्की बारिश हुई. PAU ने कहा कि यह रबी फसलों, खासकर गेहूं के लिए लाभकारी है. किसान मौसम को लेकर आशावादी हैं.
Punjab Agriculture News: तापमान में लागातर बढ़ोतरी के बीच रविवार की दोपहर किसानों के लिए राहत लेकर आई. अचानक मौसम ने करवट बदली और आसमान में बादल छा गए. फिर देखते ही देखते बारिश का दौर शुरू हो गया. इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई. ऐसे में किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. क्योंकि तापमान में गिरावट आने से फसलों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है. वहीं, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) ने रबी फसल के लिए इस बारिश को फायदेमंद बताया है. PAU का कहना है कि बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है. इससे खासकर गेहूं की फसल को फायदा पहुंचेगा.
PAU विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. एमएस भुल्लर ने द ट्रिब्यून से कहा कि अगले दो हफ्तों में तापमान में गिरावट फसलों के लिए लाभकारी होगी, क्योंकि फरवरी और मार्च में अधिक गर्मी के कारण अनाज सिकुड़ सकता था. उन्होंने कहा कि इस समय बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन अगर तेज हवा के साथ हो तो किसानों को फसल गिरने (लॉजिंग) से सावधान रहना चाहिए.
18-20 मार्च के बीच भी बारिश हो सकती है
PAU के कृषि मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख डॉ. पीके किंगरा ने कहा कि 16 मार्च को लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, और 18-20 मार्च के बीच भी बारिश हो सकती है. किसान इसके प्रति संभल कर आशावादी हैं. समराला के हरिंदर सिंह ने कहा कि बारिश भले ही देर से आई है, लेकिन यह फरवरी और मार्च की अधिक गर्मी से फसलों पर पड़े तनाव को कम करने में मदद करेगी.
मछिवाड़ा के एक अन्य किसान ने कहा कि मिट्टी को नमी की काफी जरूरत थी और हाल की बारिश ने इस कमी को पूरा करके खड़ी फसलों को राहत दी है. कूम कलां के गुरसेवक सिंह ने कहा कि हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है, लेकिन तेज हवा और ओले नुकसान पहुंचा सकते हैं क्योंकि फसल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है.
पिछले 24 घंटों में तापमान में 0.1°C की मामूली गिरावट आई है
दरअसल, रविवार दोपहर पंजाब में मौसम अचानक बदल गया और कई जिलों में बारिश हुई. मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार, अमृतसर में 5.0 मिमी, जबकि अबोहर और संगरूर में 4.0 मिमी बारिश दर्ज की गई. लुधियाना, फतेहपुर, अमृतसर, बठिंडा, जालंधर, पठानकोट और पटियाला में हल्की बूंदाबांदी और छींटे पड़े. श्री आनंदपुर साहिब में न्यूनतम तापमान 12.9°C दर्ज किया गया, जो सबसे कम था. मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में तापमान में 0.1°C की मामूली गिरावट आई है, लेकिन यह सामान्य से अभी भी 3.3°C अधिक है. इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने पंजाब के लिए कल के दिन गरज, बिजली और 30-40 किमी/घंटा की तेज हवा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है.
तापमान में बढ़तोरी से फसल को नुकसान पहुंचने की थी संभावना
बता दें कि रविवार से पहले तक पंजाब में तापमान में लागातार बढ़ोतरी हो रही थी. ऐसे में बढ़ती गर्मी के कारण गेहूं के किसानों में चिंता बढ़ गई थी. तब कहा जा रहा था कि पंजाब के खेतों में गेहूं का रंग बैंगनी दिख रहा है और किसानों को डर है कि गर्मी से बीज पतले या सिकुड़ सकते हैं, जिससे पैदावार कम हो सकती है. वहीं, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के कुलपति डॉ. गोसाल ने किसानों को आश्वस्त किया था कि तापमान बढ़ने के कारण ही रंग बदल रहा है, लेकिन फसल सुरक्षित है क्योंकि तापमान 35°C से अधिक नहीं हुआ. उन्होंने बताया था कि गेहूं का बैंगनी रंग उगाई गई किस्म की प्राकृतिक विशेषता है. कुछ खेतों में ऐफिड की मौजूदगी भी फसल को नुकसान के जोखिम वाले चरण से गुजर चुकी है और कभी-कभी ये लाल कीट के नियंत्रण में मदद कर सकते हैं.