हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में बारिश की संभावना, किसान न करें जल्दबाजी में ये काम.. एडवाइजरी जारी

मौसम विभाग ने पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हालांकि, हरियाणा और पंजाब के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हल्की से मध्यम बारिश गेहूं की फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है.

नोएडा | Updated On: 17 Mar, 2026 | 01:53 PM

Weather Updates: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. उसने कहा है कि 17 से 20 मार्च के बीच इन राज्यों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है. इससे फसलों पर असर पड़ सकता है. ऐसे में किसानों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है. बात अगर महाराष्ट्र की करें तो पिछले साल बारिश से खरीफ फसलों को कुछ ज्यादा ही नुकसान हुआ था. ऐसे में महाराष्ट्र के किसानों को ज्यादा ही सावधान रहने की जरूरत है. वहीं, IMD की भविष्यवाणी को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र कृषि विभाग ने किसानों को रबी फसलों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है.

IMD के अनुसार, 18 मार्च तक मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन ज्यादातर जगहों पर केवल कहीं-कहीं बौछारें पड़ेंगी. कोंकण तट इस दौरान ज्यादातर सूखा रहने की संभावना है. विदर्भ में 18 मार्च के आसपास बौछारों की संभावना है. ऐसे में कृषि विभाग ने एडवाइजरी में कहा है कि  इस समय जो किसान रबी फसल की कटाई कर रहे हैं, वे बारिश और ओले को ध्यान में रखते हुए अपनी फसल को सुरक्षित तरीके से संग्रहित करें, ताकि नुकसान से बचा जा सके.

हरियाणा के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी

वहीं, मौसम विभाग ने पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हालांकि, हरियाणा और पंजाब के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हल्की से मध्यम बारिश गेहूं की फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि यह अंतिम विकास चरण में मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद करेगी. लेकिन किसान इस बात को लेकर चिंतित हैं कि तेज हवाएं, ओले या भारी बारिश गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा सकती है. क्योंकि कई हिस्सों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार हो गई है. ऐसे में विशेषज्ञों ने चेताया है कि तेज तूफान या तेज हवाएं गेहूं के पौधों को गिरा सकती हैं, जिससे दाने की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित हो सकती है. इसलिए किसानों को मौसम की अपडेट लगातार देखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

किसान बारिश होने से पहले न करें सिंचाई

कृषि एक्सपर्ट निर्मल यादव का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते हरियाणा और पंजाब के किसानों के लिए 18 से 20 मार्च तक समय बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस दौरान किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है. उन्हें स्थानीय स्तर के मौसम का अपडेट लेते रहना चाहिए. अगर बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बन रही है, तो गेहूं की सिंचाई नहीं करें. साथ ही फसल की कटाई भी रोक दें. वहीं, सीमांत किसान बारिश से कटी हुई फसल को बचाने के लिए सुरक्षित जगह पर स्टोर कर दें. अगर जगह की कमी है, तो तिरपाल से ढंक दें. इससे बारिश और ओलावृष्टि से कम से कम नुकसान होगा.

हरियाणा के कई क्षेत्रों में भी इसी तरह के मौसम की उम्मीद

ऐसे पिछले 24 घंटे के दौरान पंजाब और हरियाणा में  कुछ स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज हुई हैं. पंजाब के कई हिस्सों जैसे पटियाला, नाभा, राजपुरा, डेरा बसी, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, फगवारा, मोगा, फिरोजपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर और नवांशहर में हल्की गरज के साथ बिजली और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने की संभावना है. हरियाणा के कई क्षेत्रों में भी इसी तरह के मौसम की उम्मीद है.

 

 

 

Published: 17 Mar, 2026 | 01:46 PM

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