CM मान ने विशेष गिरदावरी का दिया आदेश, गेहूं के साथ बागवानी भी चौपट.. तुरंत मुआवजे की उठी मांग

भारतीय किसान यूनियन (एकता) मंजाइल के नेता हीरा सिंह ने किसान इंडिया से कहा कि बारिश ने गेहूं, मक्का और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने बताया कि रबी फसल के साथ-साथ हरी मिर्च और बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है.

वेंकटेश कुमार
नोएडा | Updated On: 6 Apr, 2026 | 03:48 PM

Wheat Farming: पंजाब सरकार ने किसानों के नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी कराने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने फसल नुकसान का मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए हैं.  नुकसान के आंकलन के बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा. दरअसल, पिछले हफ्ते बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण गेहूं फसल को नुकसान पहुंचा है. खासकर अमृतसर, बठिंडा, मुक्तसर, होशियारपुर, तरनतारन और फतेहगढ़ साहिब में फसल बर्बादी ज्यादा हुई है. इन जिलों में गेहूं के साथ-साथ मक्के की फसल भी चौपट हो गई है. ऐसे में किसान तुरंत फसल मुआवजे की मांग कर रहे हैं. यही वजह है की सीएम मान ने विशेष गिरदावरी कराने का आदेश दिया.

भारतीय किसान यूनियन (एकता) मंजाइल के नेता हीरा सिंह ने किसान इंडिया से कहा बारिश ने गेहूं, मक्का और सरसों  की फसल को नुकसान पहुंचाया है. मौसम विभाग ने फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. अगर हर हफ्ते इसी तरह बारिश होती रही, तो गेहूं की कटाई में देरी होगी और खरीफ फसलों की खेती पर भी असर पड़ेगा. इसलिए सर्वे रिपोर्ट आने के बाद किसानों को तुरंत मुआवजा देना चाहिए.

30 से 70 फीसदी तक फसल बर्बाद

हीरा सिंह ने किसान इंडिया से कहा कि पंजाब में करीब 34 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती होती है. इस समय फसल कटाई  के लिए पूरी तरह तैयार थी और 1 अप्रैल से खरीदी भी शुरू हो चुकी है. लेकिन अचानक खराब मौसम ने कई जगह 30 से 70 फीसदी तक फसल बर्बाद कर दी. लगातार बारिश से कटाई में करीब दो हफ्ते की देरी हो रही है और खेतों में बढ़ी नमी से फसल में बीमारी का खतरा और गुणवत्ता खराब हो रही है. उन्होंने कहा कि तेज हवा चलने से गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है. इससे इसकी क्वालिटी पर असर पड़ा है.

 बागवानी फसलों को भी पहुंचा नुकसान

उन्होंने कहा कि कट चुकी फसल भी बारिश में भीग गई है, जिससे उसका बाजार मूल्य घट गया है. साथ ही, गीली जमीन  के कारण हार्वेस्टर मशीनें भी नहीं चल पा रही हैं. उनके मुताबिक, इसी बीच मौसम विभाग ने फिर से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है. ऐसे में किसानों को फसल कटाई के लिए एक हफ्ते तक और इंतजार करना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि रबी फसल के साथ-साथ हरी मिर्च और बागवानी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है.

मंडियों में धीरे-धीरे गेहूं की हो रही आवक

वहीं, मुक्तसर, फाजिल्का, बठिंडा के साथ-साथ अमृतसर और तरनतारन के कई गांवों में किसानों का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल गिर गई है. वे मांग कर रहे हैं कि तुरंत फसल नुकसान का आकलन किया जाए. क्योंकि उन्हें केवल पैदावार कम होने का डर नहीं है, बल्कि फसलों में ब्लैक प्वाइंट जैसी फंगल बीमारी का भी खतरा है. असामान्य बारिश की वजह से गेहूं की कटाई भी कम से कम दो हफ्ते तक लेट होगी. हालांकि आधिकारिक तौर पर गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, लेकिन मंडियों में अभी भी धीरे-धीरे गेहूं आ रहा है. बारिश से फसलों में नमी बढ़ गई है, जिससे कटाई और भी देर से होगी.

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Published: 6 Apr, 2026 | 02:44 PM

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