Milk Chilling Center: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ जिले के ग्राम मीरिया रेहड़ा में स्थापित आधुनिक दुग्ध अवशीतन केंद्र का लोकार्पण किया. इस दौरान जिले को डेयरी क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिल गई. यह दुग्ध अवशीतन केंद्र 40,000 लीटर प्रतिदिन क्षमता का है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन और संग्रहण व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला दुग्ध उत्पादक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनसभा को भी संबोधित किया और कहा कि सरकार गांव, किसान और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. यह केंद्र खासतौर पर गांवों के छोटे पशुपालकों और महिला समूहों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. अब दूध को सुरक्षित रखने और समय पर डेयरी तक पहुंचाने में आसानी होगी.
डेयरी क्षेत्र को मिला आधुनिक ढांचा
आजमगढ़ के ग्राम मीरिया रेहड़ा में शुरू हुआ यह दुग्ध अवशीतन केंद्र आजमगढ़ के डेयरी सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. पहले गांवों से इकट्ठा होने वाले दूध को सुरक्षित रखने में दिक्कत होती थी, जिससे कई बार गुणवत्ता प्रभावित होती थी. अब इस केंद्र के शुरू होने से दूध को तुरंत ठंडा कर सुरक्षित रखा जा सकेगा. इससे दूध खराब होने की संभावना कम होगी और किसानों को बेहतर दाम मिलने का रास्ता साफ होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि 40 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला यह केंद्र आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के डेयरी कारोबार को नई रफ्तार देगा. इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और गांवों में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा.
165 गांव और 3833 महिला सदस्यों को बड़ा लाभ
इस दुग्ध अवशीतन केंद्र से कुल 165 गांव सीधे जुड़े हैं, जिससे हजारों परिवारों को फायदा मिलेगा. सबसे खास बात यह है कि इस परियोजना से 3833 महिला दुग्ध उत्पादक सदस्य प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगी. ग्रामीण महिलाओं के लिए यह केंद्र आर्थिक मजबूती का नया जरिया बनेगा. अब वे अपने गांव स्तर पर दूध संग्रह कर आसानी से केंद्र तक पहुंचा सकेंगी. इससे उन्हें नियमित आय मिलेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे पशुपालकों की बढ़ती भागीदारी इस केंद्र की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है. इससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा और गांवों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे.
25 हजार लीटर से बढ़ेगा दूध संग्रह
फिलहाल इस नेटवर्क के जरिए लगभग 25,000 लीटर दूध रोजाना ग्राम स्तर पर संग्रह किया जा रहा है. अब जब 40 हजार लीटर क्षमता वाला केंद्र पूरी तरह शुरू हो गया है, तो आने वाले समय में दूध संग्रह तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. इस केंद्र के संचालन के लिए 18 दुग्ध संग्रहण मार्ग बनाए गए हैं, जिससे गांव-गांव से दूध समय पर पहुंच रहा है. साथ ही 10 कार्मिक ग्राम स्तर पर दुग्ध उपार्जन कार्य संभाल रहे हैं. बेहतर संग्रहण और परिवहन व्यवस्था से किसानों को समय पर भुगतान मिलने में भी मदद मिलेगी. इससे गांवों में और लोग डेयरी व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
इस परियोजना का सबसे बड़ा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा. छोटे पशुपालक, डेयरी किसान और महिला समूह अब ज्यादा दूध उत्पादन के लिए प्रेरित होंगे, क्योंकि उनके पास सुरक्षित संग्रहण की सुविधा उपलब्ध हो गई है. दूध की गुणवत्ता बेहतर रहने से बड़ी डेयरी कंपनियों तक सप्लाई आसान होगी, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी. साथ ही पशुपालन को खेती के साथ आय के मजबूत विकल्प के रूप में बढ़ावा मिलेगा. सीएम योगी के हाथों इस केंद्र का लोकार्पण आजमगढ़ के लिए सिर्फ एक उद्घाटन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और डेयरी क्रांति की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में यह केंद्र पूरे पूर्वांचल के दुग्ध उत्पादन मॉडल के रूप में उभर सकता है.