Desi Cow Breeds: आजकल कई किसान और पशुपालक दूध का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, लेकिन ज्यादा खर्च और नुकसान का डर उन्हें पीछे रोक देता है. ऐसे में देसी नस्ल की गायें डेयरी व्यवसाय के लिए सुरक्षित और फायदे का विकल्प बन सकती हैं. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) ने बताया कि देसी नस्ल की गायें कम देखभाल और कम खुराक में भी अच्छा दूध उत्पादन करती हैं. यही वजह है कि छोटे और मध्यम स्तर के पशुपालक भी आसानी से डेयरी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं. इन गायों का पालन खर्च कम होने से मुनाफा बढ़ने की संभावना रहती है.
कम खर्च में अच्छा दूध उत्पादन
पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम ने बताया कि देसी नस्ल की गायों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें ज्यादा महंगा चारा या विशेष देखभाल की जरूरत नहीं होती. सामान्य खुराक में भी ये अच्छी मात्रा में दूध देती हैं. पशुपालन विभाग के अनुसार, गिर, साहीवाल, थारपारकर और लाल सिंधी जैसी नस्लें रोजाना करीब 8 से 10 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती हैं. यह उत्पादन छोटे डेयरी व्यवसाय के लिए पर्याप्त माना जाता है. कम खर्च में अच्छा उत्पादन मिलने से पशुपालकों को स्थिर आमदनी मिल सकती है और नुकसान का खतरा भी कम रहता है.
बीमारियां कम, पालन आसान
देसी नस्ल की गायों में मौसम से जुड़ी बीमारियां अपेक्षाकृत कम होती हैं. यही वजह है कि इनके इलाज पर खर्च कम आता है और पशुपालकों को ज्यादा परेशानी नहीं होती. इन गायों का शरीर स्थानीय मौसम के अनुसार ढला होता है, इसलिए गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में ये आसानी से रह लेती हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पशु चिकित्सक की सुविधा सीमित होती है, वहां देसी नस्ल की गायें ज्यादा उपयुक्त मानी जाती हैं. कम देखभाल में भी स्वस्थ रहने के कारण ये गायें नए पशुपालकों के लिए अच्छा विकल्प बन सकती हैं.
दूध की अच्छी कीमत से बढ़ेगी आमदनी
देसी गायों का दूध बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है. कई जगहों पर देसी गाय के दूध की मांग ज्यादा रहती है, क्योंकि इसे सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. पशुपालन विभाग के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता के कारण देसी गायों का दूध सामान्य दूध से ज्यादा कीमत पर बिक सकता है. इससे पशुपालकों की आमदनी बढ़ती है. अगर सही तरीके से पशुपालन किया जाए, तो देसी गायों के जरिए डेयरी व्यवसाय को सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सकता है. कम लागत, कम जोखिम और नियमित आय-यही वजह है कि देसी नस्ल की गायें आज भी पशुपालकों की पहली पसंद बनी हुई हैं.