देश के 166 जलाशयों में पानी का स्तर बहुत कम, जानें किस राज्य में कैसी है स्थिति

पूर्वी क्षेत्र के 27 जलाशयों में कुल 21.759 अरब घन मीटर क्षमता के मुकाबले 5.323 BCM पानी बचा है, जो लगभग 24 प्रतिशत है. पश्चिम बंगाल के 2 जलाशयों में जल स्तर सिर्फ 12.5 प्रतिशत पर बना हुआ है, जबकि ओडिशा में यह 21.5 प्रतिशत तक गिर गया है. हालांकि हाल की बारिश से असम के 2 जलाशयों में सुधार हुआ है

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नोएडा | Published: 31 May, 2026 | 06:45 AM

भारत के 166 प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर इस सप्ताह घटकर कुल क्षमता का लगभग 30 प्रतिशत रह गया है. इनमें से 4 में से 3 जलाशय आधे से भी कम भरे हुए हैं. यह जानकारी केंद्रीय जल आयोग (CWC) के आंकड़ों से सामने आई है. CWC की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, इन जलाशयों में कुल 183.565 अरब घन मीटर (BCM) क्षमता के मुकाबले सिर्फ 56.3 BCM पानी बचा है, जो लगभग 30.67 प्रतिशत के बराबर है. हालांकि यह स्तर पिछले साल और सामान्य औसत से थोड़ा बेहतर बताया गया है.

वहीं, मौसम विभाग (IMD) के आंकड़े बताते हैं कि 1 मार्च से 28 मई के बीच देश के 725 जिलों में से लगभग 29 प्रतिशत जिलों में कम या बिल्कुल बारिश नहीं हुई. इससे पहले जनवरी-फरवरी में भी करीब 70 प्रतिशत देश में बारिश की कमी दर्ज की गई थी. देश के पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में इस सप्ताह जलाशयों का जल स्तर 25 प्रतिशत से भी नीचे चला गया है, जबकि बाकी तीन क्षेत्रों में यह 40 प्रतिशत से कम दर्ज किया गया है.

पानी का स्तर घटकर 22.5 प्रतिशत रह गया

बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे खराब स्थिति दक्षिण भारत की है, जहां 47 जलाशयों में पानी का स्तर घटकर कुल क्षमता का सिर्फ 22.5 प्रतिशत रह गया है. यहां कुल 55.288 अरब घन मीटर क्षमता के मुकाबले केवल 12.459 BCM पानी बचा है. राज्यों की बात करें तो तेलंगाना और कर्नाटक में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां जल स्तर क्रमशः 16 प्रतिशत और 16.77 प्रतिशत तक गिर गया है. केरल में यह लगभग 20 प्रतिशत है. वहीं आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में स्थिति थोड़ी बेहतर है, जहां जल स्तर क्रमशः 35 प्रतिशत और 33 प्रतिशत दर्ज किया गया है.

त्रिपुरा के एक-एक जलाशय में स्थिति बेहतर

पूर्वी क्षेत्र के 27 जलाशयों में कुल 21.759 अरब घन मीटर क्षमता के मुकाबले 5.323 BCM पानी बचा है, जो लगभग 24 प्रतिशत है. पश्चिम बंगाल के 2 जलाशयों में जल स्तर सिर्फ 12.5 प्रतिशत पर बना हुआ है, जबकि ओडिशा में यह 21.5 प्रतिशत तक गिर गया है. हालांकि हाल की बारिश से असम के 2 जलाशयों में सुधार हुआ है और वहां जल स्तर 37 प्रतिशत तक पहुंच गया है. वहीं मेघालय और त्रिपुरा के एक-एक जलाशय में स्थिति बेहतर है, जहां जल स्तर क्रमशः 55 प्रतिशत से ज्यादा और 60 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया है.

हिमाचल प्रदेश में 33 प्रतिशत पानी उपलब्ध

उधर, उत्तर भारत की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर है. यहां 11 जलाशयों में कुल 19.836 BCM क्षमता के मुकाबले 7.694 BCM पानी उपलब्ध है, यानी लगभग 39 प्रतिशत भरा हुआ है. पंजाब में जल स्तर 59 प्रतिशत है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 33 प्रतिशत और राजस्थान में 44 प्रतिशत दर्ज किया गया है. पश्चिमी क्षेत्र में 53 जलाशयों में कुल 38.094 अरब घन मीटर क्षमता के मुकाबले 13.625 BCM पानी बचा है, यानी लगभग 36 प्रतिशत भंडारण है. यहां गोवा के एकमात्र जलाशय में 31 प्रतिशत पानी है, महाराष्ट्र में यह 28 प्रतिशत और गुजरात में 45 प्रतिशत दर्ज किया गया है.

28 जलाशयों में लगभग 35 प्रतिशत पानी

वहीं, मध्य क्षेत्र में 28 जलाशयों में कुल क्षमता के मुकाबले लगभग 35 प्रतिशत पानी भरा हुआ है, जो 17.199 BCM के बराबर है. इस क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की स्थिति सबसे बेहतर है, जहां जल स्तर 54 प्रतिशत है. मध्य प्रदेश में यह 36 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 33 प्रतिशत और उत्तराखंड में सबसे कम 19 प्रतिशत दर्ज किया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में देरी या रुकावट के कारण जलाशयों पर और दबाव बढ़ सकता है. हालांकि, उम्मीद है कि मॉनसून अगले सप्ताह तक सक्रिय हो जाएगा, जिससे जल स्तर में सुधार आने की संभावना है.

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Published: 31 May, 2026 | 06:45 AM

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