खाद उत्पादन पर खतरा, सल्फर सप्लाई घटने से भारत ले सकता है बड़ा फैसला

स्थिति को और गंभीर बनाने वाला एक और कारण है चीन का संभावित फैसला. रिपोर्ट के अनुसार, चीन अगले महीने से सल्फ्यूरिक एसिड के निर्यात पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है. अगर ऐसा होता है, तो वैश्विक बाजार में सप्लाई और घट जाएगी और कीमतों में तेजी आ सकती है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 17 Apr, 2026 | 03:30 PM

sulphur export restriction: देश और दुनिया में खाद उद्योग के लिए एक नई चुनौती सामने आ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, सल्फर की सप्लाई में कमी और बढ़ती कीमतों को देखते हुए भारत सरकार इसके निर्यात को सीमित करने पर विचार कर रही है. इस मुद्दे को लेकर उद्योग से जुड़े संगठनों ने भी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है.

सल्फर एक ऐसा कच्चा माल है जो खेती के लिए बेहद जरूरी उर्वरकों के निर्माण में इस्तेमाल होता है. ऐसे में इसकी कमी का असर सीधे कृषि उत्पादन और किसानों की लागत पर पड़ सकता है.

सप्लाई घटने से क्यों बढ़ी चिंता

भारत में सल्फर की सप्लाई पर दबाव बढ़ता जा रहा है. खासतौर पर पश्चिम एशिया (Middle East) से आयात में कमी आई है, जो इस संकट की मुख्य वजह है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र से सप्लाई प्रभावित हुई है. 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद ईरान के आसपास के समुद्री मार्ग, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, पर असर पड़ा है. यह रास्ता सल्फर की वैश्विक सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है.

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि “मिडिल ईस्ट से आयात घटने के कारण सल्फर की उपलब्धता कम हो रही है. ऐसे में निर्यात जारी रहने से देश में और दबाव बढ़ सकता है, इसलिए इस पर विचार किया जा रहा है.”

भारत की जरूरत और आयात पर निर्भरता

भारत अपनी कुल जरूरत का आधे से ज्यादा सल्फर आयात करता है. हर साल करीब 20 लाख मीट्रिक टन सल्फर विदेशों से मंगाया जाता है, जिसमें लगभग आधा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है. वहीं दूसरी ओर भारत सालाना करीब 8 लाख टन सल्फर का निर्यात भी करता है, जिसमें 90 प्रतिशत से ज्यादा चीन को भेजा जाता है. ऐसे में जब आयात घट रहा है और घरेलू मांग बनी हुई है, तो निर्यात जारी रखना सरकार के लिए चुनौती बन सकता है.

खाद उद्योग पर सीधा असर

सल्फर का इस्तेमाल अमोनियम सल्फेट और सिंगल सुपर फॉस्फेट जैसे उर्वरकों के निर्माण में होता है, जो भारत में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाते हैं. अगर सल्फर की कमी होती है, तो खाद उत्पादन प्रभावित हो सकता है. इससे किसानों को महंगा खाद खरीदना पड़ सकता है, जिससे खेती की लागत बढ़ेगी.

इसी वजह से उद्योग से जुड़े संगठनों ने सरकार से मांग की है कि सल्फर के निर्यात पर रोक लगाई जाए, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके.

चीन का फैसला भी बढ़ा सकता है असर

स्थिति को और गंभीर बनाने वाला एक और कारण है चीन का संभावित फैसला. रिपोर्ट के अनुसार, चीन अगले महीने से सल्फ्यूरिक एसिड के निर्यात पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है. अगर ऐसा होता है, तो वैश्विक बाजार में सप्लाई और घट जाएगी और कीमतों में तेजी आ सकती है.

वैश्विक बाजार पर असर

मिडिल ईस्ट दुनिया के कुल सल्फर उत्पादन का बड़ा हिस्सा है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पिछले साल यहां करीब 83.87 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन हुआ था, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग एक चौथाई है. लेकिन मौजूदा हालात में सप्लाई बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. अगर भारत भी निर्यात सीमित करता है, तो वैश्विक कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है.

अन्य उद्योग भी हो रहे प्रभावित

सल्फर की कमी का असर केवल खाद उद्योग तक सीमित नहीं है. खनन (माइनिंग) उद्योग में भी सल्फ्यूरिक एसिड का उपयोग धातुओं को अयस्क से अलग करने के लिए किया जाता है, जिसे ‘लीचिंग’ प्रक्रिया कहते हैं.

इंडोनेशिया में निकेल बनाने वाली कंपनियां और चिली व कांगो जैसे देशों में तांबा उत्पादक कंपनियां भी इस संकट से प्रभावित हो रही हैं. उन्हें अब सल्फ्यूरिक एसिड के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है.

सरकार के सामने चुनौती

सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह घरेलू जरूरतों और निर्यात के बीच संतुलन कैसे बनाए. एक ओर किसानों और खाद उद्योग को सस्ती और पर्याप्त सप्लाई देना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय व्यापार भी प्रभावित हो सकता है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

दूध उत्पादन में कौन सा राज्य सबसे आगे है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
जायद सीजन.
विजेताओं के नाम
रजनीश जाट, नासिराबाद, अजमेर राजस्थान.

लेटेस्ट न्यूज़