हरित क्रांति के बाद अब बीज सुधार की भारी जरूरत, GM के नाम पर लूट बंद हो, बीज एक्ट पर क्या बोले किसान नेता

Seed Act Amendment : किसान नेताओं ने बीज विधेयक पर चर्चा के दौरान कृषि मंत्री को बीज सुधार के लिए तत्काल प्रावधान लाने को कहा है. इसमें घटिया बीजों की बिक्री, निर्माण और सप्लाई समेत कई बिंदुओं पर सख्त एक्शन का प्रावधान है. किसान नेताओं ने कहा कि बीजों में बदलाव के लिए यही सही समय है.

नोएडा | Updated On: 10 Sep, 2026 | 08:55 PM

बीज माफियाओं पर शिकंजा कसने और घटिया बीजों की बिक्री के तंत्र को पूरी तरह तोड़ने के लिए केंद्र सरकार नए बदलावों के साथ ही सीड एक्ट लाने जा रही है. इसके लिए 10 सितंबर को देशभर के किसान नेताओं के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक की. बैठक में शामिल रहे महाराष्ट्र के किसान नेता गुणवंत पाटिल, एआईकेसीसी के सदस्य गुर प्रताप सिंह, भाकियू उत्तर प्रदे से अजय आनंद ने किसान इंडिया को बताया कि उन्होंने बीज माफियाओं पर सख्ती के लिए पेश किए गए मसौदे पर किसान हितों के लिए सुझाव सौंपे हैं. कृषि मंत्री ने सुझावों पर गौर करने के बाद फिर अमल में लाने का आश्वासन दिया है.

किसान नेताओं ने बीज विधेयक पर सुझाव चर्चा के दौरान कृषि मंत्री के साथ बीजों की समस्याओं और घटिया, नकली बिक्री, निर्माण और सप्लाई समेत कई बिंदुओं पर मंथन किया और उनके सुझावों लागू करने का आग्रह किया. इसके साथ ही बीजों के उत्पादन में तकनीक, बदली मिट्टी-पानी के अनुकूल उत्पादन देने और क्लाइमेट बदलावों से सक्षम बीजों के लिए भी सुझाव दिए गए हैं.

हरित क्रांति के बाद अब बीजों में सुधार की जरूरत मसौदे का हिस्सा बने- गुणवंत पाटिल

अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के जनरल सेक्रेटरी गुणवंत पाटिल ने बताया कि सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई और अच्छे सुझाव दिए गए. उन्होंने कहा कि हरित क्रांति के दौरान बीजों को उन्नत किया गया था और पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने कमाल किया था. यही वजह है कि आज एफसीआई के गोदाम भरे हुए हैं. लेकिन, अब ज्यादा केमिकल फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से कृषि उत्पादन पर असर पड़ा है. अब बीज में बदलाव करने की जरूरत है. पारंपरिक बीजों की रक्षा, जेनेटिक मोडिफाइड समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई है.

नकली बीजों से किसान और खेती को बचाने के लिए सख्त प्रावधान – गुर प्रताप सिंह

अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के सदस्य गुर प्रताप सिंह ने किसान इंडिया को बताया कि कृषि मंत्री के साथ बैठक के दौरान बीज विधेयक का प्रजेंटेशन दिया है. उन्होंने कहा कि सीड बिल के मसौदे पर आपत्तियां हैं, जिसको लेकर सरकार को हमने सुझाव दिए ताकि किसानों का फायदा हो और कोई भी गलत बीज बेचकर बच ना सके. उन्होंने कहा कि बाजार में घटिया और नकली बीजों की भरमार से नुकसान किसान और कृषि को हो रहा है. इसे रोकने के लिए बीज विधेयक के सख्त प्रावधानों को जल्द से जल्द लागू करना जरूरी है.

पारंपरिक बीजों पर खास ध्यान रखा जाना जरूरी – अजय आनंद

बैठक में शामिल रहे भारतीय किसान यूनियन उत्तर प्रदेश के नेता अजय आनंद ने किसान इंडिया से कहा कि सीड एक्ट के प्रजेंटेशन में विक्रेताओं के लिए कड़े प्रावधान रखे गए हैं. लाइसेंसिंग पर सख्ती बढ़ाई गई है. बिना पहचान और बिना अनुमति के बीज बिक्री करने वालों के लिए भी सख्ती बढ़ाई गई है. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए संरक्षण के लिए पारंपरिक बीजों पर खास ध्यान दिया गया है और उन्हें अपने पारंपरिक बीजों को बिक्री करने की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रावधान शामिल किया गया है.

जीएम बीजों के नाम पर किसानों से लूट हो रही- रामपाल जाट

बैठक का हिस्सा रहे किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि किसानों को बीजों की संप्रभुता के अधिकार के लिए प्रमाणिक बीजों की न्यूनतम मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है. इसके लिए नकली स्वास्थ्य को क्षति पहुंचाने वाले बीजों की रोकथाम जरूरी बन जाती है. ऐसे में घटिया बीज बनाने वालों पर कठोर दंड के साथ पीड़ित को समुचित क्षतिपूर्ति देने की व्यवस्था बीज विधेयक में प्रमुख रूप से की जाए. तकनीक के नाम पर जेनेटिकली मोडिफाइड जैसे बीजों से होने वाली किसानों की लूट समाप्त करने का प्रावधान भी मसौदे में शामिल किया जाए. उन्होंने कहा कि बीजों की उपलब्धता को सहज बनाने के लिए भंडारण की जानकारी ग्राम पंचायत स्तर पर प्रकाशन का प्रावधान भी रखने का सुझाव दिया है.

Published: 11 Sep, 2026 | 06:00 AM

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