चमकदार चावल और तगड़ी कमाई… दयाल शरबती धान बन रही किसानों की पहली पसंद
धान की खेती में किसान अब ऐसी किस्मों को अपना रहे हैं, जो कम समय में तैयार हों और बेहतर मुनाफा दें. दयाल शरबती धान कम बीज, मजबूत पौधों और चमकदार चावल के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही है. सही देखभाल से इससे अच्छी पैदावार मिल सकती है.
Dayal Sharbati Paddy: खरीफ सीजन में धान की खेती शुरू होते ही किसान ऐसी किस्मों की तलाश करते हैं, जो कम समय में तैयार हो जाएं, अच्छी पैदावार दें और बाजार में बेहतर कीमत दिला सकें. इन्हीं खूबियों के कारण दयाल शरबती धान की किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, यह किस्म कम बीज की जरूरत, मजबूत पौधों और अच्छी गुणवत्ता वाले चावल के लिए जानी जाती है. सही प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर किसान इससे अच्छा उत्पादन और मुनाफा हासिल कर सकते हैं.
110 से 120 दिन में तैयार हो जाती है फसल
कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार, दयाल शरबती धान की फसल लगभग 110 से 120 दिनों में पककर तैयार हो जाती है. कम अवधि में तैयार होने वाली यह किस्म किसानों को समय पर कटाई करने और इसके बाद अगली फसल की तैयारी का मौका देती है. इस किस्म के पौधों की लंबाई करीब 100 से 110 सेंटीमीटर तक होती है. विशेषज्ञ के अनुसार, इसके तने मजबूत होते हैं, जिससे तेज हवा और बारिश जैसी परिस्थितियों में फसल गिरने की संभावना कम रहती है. मजबूत पौधे बालियों में आने वाले दानों का भार आसानी से संभाल लेते हैं, जिससे उत्पादन क्षमता बेहतर बनी रहती है.
कम बीज में तैयार होती है अच्छी पौध
प्रमोद कुमार के अनुसार, दयाल शरबती धान की खेती में बीज की खपत अन्य कई किस्मों की तुलना में कम होती है. उचित समय पर नर्सरी तैयार करने और सही तरीके से रोपाई करने पर कम मात्रा में बीज से भी अच्छी पौध तैयार की जा सकती है. इसके साथ ही एक बड़े क्षेत्र में रोपाई के लिए सीमित मात्रा में बीज पर्याप्त होता है. खेत की तैयारी, पौधों के बीच उचित दूरी और संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने से पौधों की बढ़वार अच्छी होती है और खेत में फसल तेजी से विकसित होती है.
चमकदार चावल से बाजार में बनी रहती है मांग
कृषि विशेषज्ञ के मुताबिक, दयाल शरबती धान का चावल साफ, चमकदार और आकर्षक होता है. इसकी गुणवत्ता के कारण बाजार में इसकी मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को सामान्य किस्मों की तुलना में बेहतर भाव मिलने की संभावना रहती है. उन्होंने कहा कि धान की कीमत बाजार की स्थिति, गुणवत्ता और स्थानीय मांग पर निर्भर करती है. अच्छी गुणवत्ता वाला चावल किसानों को बेहतर बाजार मूल्य दिलाने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि कई किसान अब ऐसी किस्मों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनसे उत्पादन के साथ-साथ अच्छी कीमत भी मिल सके.
संतुलित देखभाल से मिल सकती है बेहतर पैदावार
प्रमोद कुमार के अनुसार, दयाल शरबती धान से अच्छी पैदावार लेने के लिए खेत की सही तैयारी, समय पर रोपाई, उचित सिंचाई और संतुलित मात्रा में खाद एवं उर्वरकों का इस्तेमाल जरूरी है. बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने पर किसान करीब 30 से 40 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि वास्तविक उत्पादन मिट्टी की गुणवत्ता, मौसम, सिंचाई व्यवस्था और फसल की देखभाल पर निर्भर करता है. किसानों को समय-समय पर खेत का निरीक्षण करते रहना चाहिए और किसी भी रोग या कीट की समस्या दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही नियंत्रण उपाय अपनाने चाहिए. इससे फसल की गुणवत्ता बनी रहती है और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकता है.