धान खरीद से पहले हरियाणा में सख्ती, फर्जी खरीद रोकने को बॉर्डर पर नाके.. 24 घंटे होगी निगरानी
हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है. खरीद में गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. हरियाणा-UP बॉर्डर पर दो नाके लगाकर दूसरे राज्यों से आने वाले धान की जांच होगी. सभी मंडियां CCTV की निगरानी में रहेंगी. SDM को गेट पास व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है.
हरियाणा के करनाल में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी रोकने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. पिछले सीजन में कथित तौर पर सामने आई फर्जी खरीद जैसी शिकायतों को रोकने पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है. प्रशासन की ओर से हरियाणा-UP सीमा पर खरीद शुरू होने से पहले दो नाके बनाए जाएंगे. यहां पुलिस के साथ अलग-अलग विभागों के कर्मचारी 24 घंटे निगरानी करेंगे. इसका मकसद दूसरे राज्यों से आने वाले धान की आवक पर नजर रखना है.
इसके अलावा सभी मार्केट कमेटियों के सचिवों को खरीद सीजन शुरू होने से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी अनाज मंडियों में CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी, ताकि धान खरीद में किसी तरह की अनियमितता को रोका जा सके. डिप्टी कमिश्नर आनंद कुमार शर्मा ने पिछले सप्ताह अधिकारियों के साथ बैठक कर धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा की थी. उन्होंने अधिकारियों को खरीद शुरू होने से पहले सभी इंतजाम पूरे करने और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए.
हरियाणा-UP बॉर्डर पर अवैध धान की आवक पर नजर
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, डिप्टी कमिश्नर आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि हरियाणा-UP बॉर्डर पर दो नाके लगाए जाएंगे. इन नाकों पर दूसरे राज्यों से अवैध तरीके से आने वाले धान की जांच की जाएगी. पुलिस अधिकारियों को भी जिले की सीमाओं पर सख्त निगरानी रखने और बिना अनुमति धान की आवक रोकने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सभी मार्केट कमेटियों के सचिवों को खरीद सीजन शुरू होने से पहले मंडियों में जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है. सभी अनाज मंडियां CCTV की निगरानी में रहेंगी. अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सभी कैमरे चालू हालत में हों और रिकॉर्डिंग का पर्याप्त बैकअप रखा जाए.
SDM को नोडल अधिकारी बनाया गया
धान खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए SDM को गेट पास जारी करने की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है. डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि SDM को गेट पास व्यवस्था का डेमो करने और पूरी प्रक्रिया की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीद के दौरान किसानों और आढ़तियों को किसी तरह की परेशानी न हो. हालांकि, धान खरीद सीजन की सरकारी नीति अभी जारी नहीं हुई है. ऐसे में कहा जा रहा है कि पिछली गेहूं खरीद के दौरान अपनाई गई व्यवस्था के आधार पर इस बार भी किसानों को मंडियों में ट्रैक्टर या दूसरे वाहनों से आना होगा. वाहन के आगे उसका रजिस्ट्रेशन नंबर साफ लिखा होना जरूरी होगा.