किसानों को बड़ी राहत, 75 हजार रुपये तक का फसल लोन होगा माफ.. खर्च होंगे 222 करोड़
तमिलनाडु के तिरुची जिले में फसल ऋण माफी योजना के तहत 54,000 किसानों की सूची तैयार की जा रही है. 75,000 रुपये तक का कर्ज पूरी तरह माफ होगा, जबकि इससे अधिक ऋण लेने वालों को 35,000 रुपये तक की राहत मिलेगी. 222 करोड़ रुपये की इस योजना का लाभ पात्र किसानों को 45 दिनों के भीतर देने का लक्ष्य रखा गया है.
Tamil Nadu News: तमिलनाडु सरकार की फसल ऋण माफी योजना का लाभ देने के लिए तिरुचिरापल्ली (तिरुची) जिले में किसानों की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है. सहकारिता विभाग उन किसानों का विवरण जुटा रहा है, जो इस योजना के तहत पात्र हैं. राज्य सरकार की हालिया घोषणा के अनुसार, जिन किसानों ने 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच 75,000 रुपये तक का फसल ऋण लिया है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा. इसके लिए जमीन के आकार की कोई शर्त नहीं रखी गई है.
वहीं, जिन किसानों ने 75,000 रुपये से अधिक का फसल ऋण लिया है, उन्हें 35,000 रुपये तक की ऋण माफी का लाभ मिलेगा. सरकार का कहना है कि इस योजना से बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. तिरुची के संयुक्त सहकारी समितियां रजिस्ट्रार टी. जयरामन ने ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को कहा कि प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियां (PACS) ऋण माफी योजना के लाभार्थी किसानों की सूची तैयार कर रही हैं. अंतिम सूची जारी करने से पहले उसका ऑडिट किया जाएगा, ताकि पात्र किसानों की सही पहचान सुनिश्चित हो सके.
54,000 किसानों को होगा सीधा फायदा
उन्होंने कहा कि तिरुची जिले में करीब 54,000 किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा और कुल 222 करोड़ रुपये के फसल ऋण माफ किए जाएंगे. सहकारी समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लाभार्थियों की सूची तैयार करने का काम जारी है. ऑडिट पूरा होने के बाद सूची संबंधित ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (VAO) कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएगी, ताकि किसान अपने विवरण की जांच कर सकें.
क्या कहते हैं अधिकारी
अधिकारी ने कहा कि यदि सूची की जांच के दौरान कोई गड़बड़ी या आपत्ति नहीं मिलती है, तो इसे अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद पात्र किसानों को ऋण माफी का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे प्रक्रिया को 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है, ताकि किसानों को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिल सके.
आंदोलन को और तेज किया जाएगा
वहीं, पिछले महीने खबर सामने आई थी कि तमिलनाडु सरकार द्वारा किसानों के लिए कर्जमाफी की घोषणा किए जाने के बावजूद किसान संगठन संतुष्ट नहीं हैं. तमिलनाडु ऑल फार्मर्स एसोसिएशन ने राज्यव्यापी भूख हड़ताल करने का ऐलान किया था. किसान नेता पी.आर. पांडियन ने कहा था कि इस आंदोलन में राज्य के सभी 38 जिलों के किसान हिस्सा लेंगे. संगठन का आरोप था कि नौकरशाहों ने फसल ऋण माफी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को गलत जानकारी दी है और किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए हैं. किसानों की मांग थी कि भूमि के रकबे के आधार पर पूर्ण ऋण माफी दी जाए और धान का खरीद मूल्य बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए. किसान संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.