तेलंगाना में रिकॉर्ड 147 लाख टन धान खरीदी, भुगतान के लिए सरकार ने 16,649 करोड़ लिया कर्ज
तेलंगाना ने 2025-26 में 147 लाख टन धान की रिकॉर्ड खरीद की है, जो देश का 61 फीसदी है. रबी सीजन में अब तक 75 लाख टन धान खरीदा गया और किसानों को 35,077 करोड़ रुपये दिए गए. केंद्र की CMR सीमा से खरीद पर असर पड़ा, फिर भी राज्य ने बड़ी उपलब्धि दर्ज की.
Telangana Paddy Procurement: तेलंगाना ने कृषि वर्ष 2025-26 में धान की रिकॉर्ड खरीद की है. राज्य में कुल 147 लाख टन धान की खरीद हुई है, जो देश में कुल खरीदे गए धान का करीब 61 प्रतिशत है. इसके एवज में किसानों के बैंक खातों में कुल 35,077 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. खास बात यह है कि किसानों को समय पर भुगतान करने के लिए इस बार राज्य सरकार को कर्ज लेना पड़ा. उसने धान भुगतान के लिए बैंकों से 16,649 करोड़ का लोन लिया है.
वहीं, सिविल सप्लाई और सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि बंपर खरीद के बावजूद केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे गए धान के प्रसंस्करण के बाद बनने वाले कस्टम मिल्ड राइस की उठान कम कर दी है. इससे राज्य की खरीद व्यवस्था पर असर पड़ा है. तेलंगाना सरकार ने कहा है कि केंद्र सरकार से बार-बार धान खरीद की सीमा बढ़ाने की मांग करने के बावजूद कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला. इसके बावजूद राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उत्तम कुमार रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया से कहा कि इस रबी सीजन में अब तक 75 लाख टन धान की खरीद हो चुकी है और अगले कुछ दिनों में 1 से 2 लाख टन और धान खरीदे जाने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि केंद्र से पर्याप्त समर्थन न मिलने के बावजूद राज्य ने किसानों से रिकॉर्ड स्तर पर धान की खरीद सुनिश्चित की है.
गलत जानकारी फैलाने का आरोप
तेलंगाना के मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (BRS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर धान खरीद को लेकर गलत जानकारी फैलाने और किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों ने किसानों की मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया, बल्कि धान खरीद प्रक्रिया में बाधाएं पैदा कीं. मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों से धान की खरीद को सुचारू रूप से जारी रखे हुए है.
35,077 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर
तेलंगाना के मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि इस साल धान खरीद का स्तर 2020-21 के कोविड काल के करीब पहुंच गया है. उस समय व्यापारियों और मिल मालिकों की भागीदारी लगभग नहीं थी और पूरी खरीद सिविल सप्लाई विभाग ने की थी. तब करीब 141 लाख टन धान खरीदा गया था, जबकि इस साल 2025-26 में अब तक 147 लाख टन धान की खरीद हो चुकी है, जो लगभग 2.95 करोड़ टन अनुमानित उत्पादन का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इस खरीदे गए धान के बदले 25.2 लाख किसानों के बैंक खातों में कुल 35,077 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं.
16,649 करोड़ रुपये बैंकों से लोन
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कस्टम मिल्ड राइस (CMR) की खरीद पर सीमा लगाए जाने के कारण राज्य सरकार को 6,650 करोड़ रुपये अपने बजट से खर्च करने पड़े, जबकि धान खरीद को जारी रखने के लिए 16,649 करोड़ रुपये बैंकों से उधार भी लेना पड़ा. तेलंगाना सरकार ने कहा है कि रबी सीजन में धान खरीद के लिए अब तक 17,917 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इस राशि से 75 लाख टन धान की खरीद की गई है, जिसमें 12,557 टन भीगा हुआ धान भी शामिल है. इस धान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदकर तुरंत उबाल (parboiled) चावल मिलों तक भेज दिया गया.
8,575 खरीद केंद्र संचालित
मंत्री ने कहा कि राज्य ने देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा और समय पर खरीद केंद्र खोले हैं. खरीफ सीजन में 8,448 और रबी सीजन में 8,575 खरीद केंद्र संचालित किए गए. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे गनियों (बैंग) को लेकर झूठा प्रचार कर रहे हैं. सरकार ने बताया कि इस रबी सीजन में अब तक 20.86 करोड़ गनी बैग इस्तेमाल किए जा चुके हैं और 2.11 करोड़ बैग अभी भी उपलब्ध हैं.