Report: मौसम ने बिगाड़ा मक्का-चावल का खेल! उत्पादन अनुमान में बड़ी कटौती, गेहूं की तस्वीर बेहतर

India Crop Production: USDA की सितंबर रिपोर्ट में मौसम की मार से भारत के मक्का और चावल उत्पादन का अनुमान घटाया गया है. वहीं गेहूं और कपास की तस्वीर बेहतर बनी हुई है, जबकि तिलहन उत्पादन में मामूली बढ़ोतरी का अनुमान है.

नोएडा | Published: 13 Sep, 2026 | 10:10 AM

USDA India Crop Report 2026: अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की सितंबर 2026 की रिपोर्ट ने भारत की 2026-27 फसल को लेकर मिली-जुली तस्वीर सामने रखी है. रिपोर्ट में मक्का और चावल के उत्पादन अनुमान में कटौती की गई है. इसकी बड़ी वजह अनियमित मॉनसून और फसलों की कमजोर संभावनाओं को माना जा रहा है. वहीं गेहूं और कपास का उत्पादन अनुमान फिलहाल मजबूत बना हुआ है. तिलहन में भी पिछले साल के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है.

मक्का उत्पादन अनुमान में बड़ी कटौती

USDA ने भारत में 2026-27 के मक्का उत्पादन का अनुमान अगस्त के 5.2 करोड़ टन से घटाकर 5 करोड़ टन कर दिया है. यह पिछले साल के 5.509 करोड़ टन उत्पादन से करीब 9.2 फीसदी कम है. मक्का का अनुमानित रकबा भी 144.1 लाख हेक्टेयर से घटकर 140 लाख हेक्टेयर कर दिया गया है. वहीं उत्पादकता करीब 3.57 टन प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है.

भारत में मक्का उत्पादन काफी हद तक खरीफ फसल पर निर्भर है. देश में करीब 75 फीसदी मक्का खरीफ सीजन में पैदा होता है. ऐसे में मॉनसून की अनिश्चितता का सीधा असर इसकी पैदावार पर पड़ सकता है. दुनिया के स्तर पर भी मक्का उत्पादन में कमी का अनुमान है. 2026-27 में वैश्विक उत्पादन करीब 129.095 करोड़ टन रह सकता है, जो पिछले साल से 3 फीसदी कम है.

चावल पर भी मौसम का असर

USDA ने भारत के चावल उत्पादन अनुमान में भी कटौती की है. अगस्त में 15 करोड़ टन का अनुमान था, जिसे अब घटाकर 14.7 करोड़ टन कर दिया गया है. यह पिछले साल के 15.402 करोड़ टन उत्पादन से करीब 4.6 फीसदी कम है. रिपोर्ट के मुताबिक, चावल का रकबा करीब 5.1 करोड़ हेक्टेयर और उत्पादकता 4.32 टन प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है. वैश्विक स्तर पर भी चावल उत्पादन में कमी की संभावना है. 2026-27 में दुनिया में करीब 53.385 करोड़ टन चावल उत्पादन का अनुमान है. यह पिछले साल के मुकाबले 2.2 फीसदी कम है. चीन का उत्पादन करीब 14.7 करोड़ टन रहने का अनुमान है.

गेहूं की तस्वीर फिलहाल बेहतर

मक्का और चावल के मुकाबले गेहूं की स्थिति भारत के लिए राहत देने वाली है. USDA ने 2026-27 में भारत के गेहूं उत्पादन का अनुमान 12.1 करोड़ टन पर बरकरार रखा है. यह पिछले साल की तुलना में करीब 2.6 फीसदी ज्यादा है. गेहूं का रकबा करीब 3.35 करोड़ हेक्टेयर और उत्पादकता 3.61 टन प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है. दुनिया में गेहूं उत्पादन करीब 82.243 करोड़ टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल से 2.55 फीसदी कम है. ऐसे में वैश्विक गिरावट के बीच भारत में गेहूं की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई दे रही है.

तिलहन में मामूली बढ़ोतरी

भारत के कुल तिलहन उत्पादन का अनुमान 4.12 करोड़ टन लगाया गया है. हालांकि यह अगस्त के 4.195 करोड़ टन के अनुमान से 1.8 फीसदी कम है, लेकिन पिछले साल के 4.074 करोड़ टन से करीब 1.1 फीसदी ज्यादा है. वहीं वैश्विक तिलहन उत्पादन में बढ़ोतरी की संभावना है. 2026-27 में दुनिया में करीब 72.346 करोड़ टन तिलहन उत्पादन का अनुमान है, जो पिछले साल से 3.2 फीसदी ज्यादा है.

कपास का अनुमान भी मजबूत

कपास के मामले में भारत की स्थिति फिलहाल अच्छी बनी हुई है. USDA ने 2026-27 के लिए भारत का कपास उत्पादन अनुमान 2.4 करोड़ गांठ पर बरकरार रखा है. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 0.84 फीसदी ज्यादा है. इसके उलट, दुनिया में कपास उत्पादन 11.732 करोड़ 480-पाउंड गांठ रहने का अनुमान है, जो पिछले साल से 3.8 फीसदी कम है. चीन का उत्पादन भी करीब 6.4 फीसदी घटने की संभावना है.

किसानों और बाजार के लिए क्या संकेत?

USDA के इन अनुमानों से भारत की खरीफ फसलों की स्थिति में मौसम की भूमिका साफ नजर आती है. मक्का और चावल के उत्पादन अनुमान में कमी किसानों के साथ-साथ घरेलू बाजार और कीमतों पर भी असर डाल सकती है. दूसरी तरफ गेहूं और कपास का मजबूत अनुमान राहत देता है. इस रिपोर्ट में भारत की कृषि तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं दिखती. कुछ फसलों पर मॉनसून का दबाव है, जबकि गेहूं और कपास बेहतर स्थिति में हैं. आने वाले समय में वास्तविक बारिश, फसल की क्वालिटी और खेतों की स्थिति इन अनुमानों को बदल सकती है.

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