यूपी में गन्ना उत्पादन ने पकड़ी रफ्तार, 10 साल में 73 फीसदी बढ़कर 2362 लाख टन हुआ प्रोडक्शन
उत्तर प्रदेश में 10 साल में गन्ने का उत्पादन 73 फीसदी बढ़कर 2,362 लाख टन हो गया है. राज्य में 48 लाख से ज्यादा किसान गन्ना खेती से जुड़े हैं. 2025-26 में चीनी मिलों ने किसानों को 32,795 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया. सरकार ने डिजिटल व्यवस्था के जरिए गन्ना पर्ची, सर्वे, भुगतान और शिकायतों को आसान बनाया है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि राज्य में पिछले 10 साल के अंदर गन्ने के उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. राज्य सरकार के मुताबिक, 2015-16 में करीब 1,364 लाख टन गन्ने का उत्पादन हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 2,362 लाख टन हो गया, जो 73 फीसदी बढ़ोतरी को दर्शाता है. राज्य सरकार का कहना है कि इससे उत्तर प्रदेश देश की चीनी अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है. राज्य में गन्ने का बढ़ता उत्पादन सिर्फ चीनी उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि इथेनॉल उत्पादन और कृषि क्षेत्र की तरक्की के लिए भी अहम है.
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी सरकार का कहना है कि राज्य में गन्ने की खेती से जुड़े किसानों की संख्या भी लगातार बढ़ी है. 2024-25 में गन्ना क्षेत्र से 48,03,084 किसान जुड़े थे. सरकार का कहना है कि किसानों की बढ़ती संख्या से राज्य में गन्ने की खेती का विस्तार और इसका आर्थिक महत्व दोनों बढ़ने का पता चलता है. गन्ना क्षेत्र राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय के लिए भी महत्वपूर्ण है.
यूपी में गन्ने का उत्पादन 10 साल में 73 फीसदी बढ़ा
उत्तर प्रदेश में पिछले 10 साल में गन्ने के उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. राज्य सरकार के मुताबिक, 2015-16 में करीब 1,364 लाख टन गन्ने का उत्पादन हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 2,362 लाख टन हो गया. यानी इस दौरान उत्पादन में करीब 73 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. दस साल पहले राज्य के गन्ना किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था. इनमें गन्ने का भुगतान मिलने में देरी, ज्यादा कागजी काम, जानकारी की कमी और तकनीक तक सीमित पहुंच जैसी समस्याएं शामिल थीं. कई इलाकों में गन्ने की उत्पादकता में भी बढ़ोतरी रुक गई थी.
यूपी में गन्ना किसानों को 32,795 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को मिलने वाले भुगतान में पिछले 10 साल में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. राज्य की गन्ना आयुक्त और स्टेट शुगर कॉरपोरेशन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक मिनिष्थी एस. के मुताबिक, 2025-26 में चीनी मिलों ने किसानों को 32,795 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया. वहीं, 2015-16 में किसानों को करीब 18,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था. यानी 10 साल में किसानों को किए जाने वाले भुगतान में काफी बढ़ोतरी हुई है.
सरकारी व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर
मिनिष्थी एस. ने कहा कि पिछले एक दशक में सरकारी व्यवस्था को आधुनिक बनाने, संस्थानों को मजबूत करने और किसानों को नीतियों के केंद्र में रखने पर जोर दिया गया. इन प्रयासों से गन्ने के उत्पादन और उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान और बेहतर व्यवस्था देने से गन्ना क्षेत्र में किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है.
यूपी में गन्ना किसानों के लिए डिजिटल व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए सरकारी व्यवस्था को डिजिटल किया गया है. गन्ना आयुक्त के मुताबिक, पहले किसानों को सर्वे, गन्ना पर्ची, भुगतान की जानकारी और शिकायतों के लिए कागजी रिकॉर्ड पर निर्भर रहना पड़ता था और बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल, ई-गन्ना मोबाइल ऐप, ऑनलाइन कैलेंडर, एसएमएस के जरिए गन्ना पर्ची और डिजिटल शिकायत व्यवस्था शुरू की गई है. इससे किसानों को कई जरूरी सेवाएं ऑनलाइन मिल रही हैं.