आग लगने से 200 बीघा गेहूं जलकर राख, किसानों को 15 लाख रुपये तक का नुकसान

राजस्थान के कोटा में आग से 200 बीघा गेहूं की फसल जल गई, जिससे कई किसानों को भारी नुकसान हुआ. तेज हवा से आग तेजी से फैली.किसानों ने प्रशासन और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है और मुआवजे की मांग की है.

नोएडा | Updated On: 27 Mar, 2026 | 09:50 PM

Agriculture News: तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही फसल में आग लगने की घटनाएं तेज हो गई हैं. ताजा मामला राजस्थान के कोटा जिले में सामने आया है, जिसमें करीब 200 बीघा में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई. यह इलाके में खेतों में लगी बड़ी आग की दुर्लभ घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिससे एक दर्जन से ज्यादा किसानों को लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं और पूरे इलाके में काला धुआं फैल गया था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह आग सुबह करीब 11 बजे सुल्तानपुर क्षेत्र के खेतों में लगी. तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही समय में कई खेत इसकी चपेट में आ गए, जिससे किसानों को नुकसान रोकने का मौका भी नहीं मिला.

किसानों को लाखों रुपये का नुकसान

प्रभावित किसान जगदीश मीणा ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि उनकी 50 बीघा में गेहूं की फसल  थी, जो अभी कटी नहीं थी और इसकी कीमत 15 लाख रुपये से ज्यादा थी. उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में कटाई होने वाली थी और मशीनें भी तैयार थीं, लेकिन उससे पहले ही आग लग गई और पूरी फसल जलकर नष्ट हो गई.  वहीं जलीमपुरा के किसान महावीर ने कहा कि उन्हें करीब 3 से 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि खेत में रखी कटी हुई फसल भी आग की चपेट में आ गई और सब कुछ जल गया.

किसानों ने की मुआवजे की मांग

घटना के बाद किसानों में काफी गुस्सा देखने को मिला. उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि दमकल की गाड़ियां  देर से पहुंचीं और आग बुझाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. किसानों का कहना है कि आग लगातार फैलती रही, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई. उनका आरोप है कि बिजली सप्लाई तुरंत बंद की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे हालात और बिगड़ गए. किसानों ने जिम्मेदारी तय करने और नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है.

आग लगने का सही कारण सामने नहीं आया

फिलहाल आग लगने का सही कारण सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती अंदेशा शॉर्ट सर्किट का बताया जा रहा है. प्रशासन इस मामले की जांच करने की बात कह रहा है. भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष जगदीश शर्मा कालामांडा ने आरोप लगाया कि इस घटना में बिजली विभाग की लापरवाही बड़ी वजह रही है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप के पीछे लगे ट्रांसफॉर्मर से एक टूटा हुआ जंपर तार लटक रहा था. तेज हवा के कारण तार आपस में टकराए, जिससे चिंगारी निकली और आग लग गई, जिसने खड़ी फसल को जला दिया. घटना से प्रभावित किसानों ने फसल कटाई से ठीक पहले हुए भारी नुकसान को देखते हुए सरकार से मुआवजे की मांग की है.

Published: 27 Mar, 2026 | 09:48 PM

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