ऐलान के बावजूद 1 अप्रैल को नहीं खरीदा गया गेहूं, खाली हाथ घर लौटे अन्नदाता.. किसान नेताओं में नाराजगी
1 अप्रैल को मंडियों में फसल की आवक भी कम रही. घरौंडा में 360 क्विंटल, कर्नाल में 90 क्विंटल, असंध में 450 क्विंटल और इंद्री में सिर्फ 22 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई. वहीं, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने घरौंडा अनाज मंडी का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया.
Haryana Agriculture News: हरियाणा के करनाल जिले में ऐलान के बाद भी 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू नहीं हो पाई. ऐसे में मंडी आए किसानों को बीना फसल बेचे ही घर लौटना पड़ा. कहा जा रहा है कि मंडियों में आए गेहूं में नमी की मात्रा तय सीमा से ज्यादा थी. हरियाणा राज्य कृषि मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) के अधिकारियों ने पुष्टि की कि पहले दिन खरीदी नहीं की गई, क्योंकि फसल में नमी अधिक थी. अधिकारियों के अनुसार, खरीदी के लिए अधिकतम नमी 12 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन पहले दिन मंडियों में लाए गए गेहूं में नमी 15 प्रतिशत से अधिक पाई गई, इसलिए खरीदी एजेंसियों ने कोई खरीदारी नहीं की.
किसान नेताओं ने गेहूं खरीदी नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है. वहीं, एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनिन मान के पूर्व हरियाणा प्रेसिडेंट गुणी प्रकाश ने किसान इंडिया से कहा कि बारिश होने के चलते गेहूं में नमी की मात्रा अधिक है. वहीं, मौसम विभाग ने 9 अप्रैल तक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते बारिश के साथ अलावृष्टि की संभावना जताई है. इससे गेहूं कटाई में देरी होगी और फसल में नमी की मात्रा और ज्यादा बढ़ जाएगी. पर किसान गेहूं कटाई के लिए ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते हैं. इसलिए सरकार को मौसम को देखते हुए नमी की मात्रा में छूट देनी चाहिए.
गुणी प्रकाश ने नए नियमों का भी किया विरोध
गुणी प्रकाश ने गेहूं खरीदी के नियमों पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि नए नियमों का पालन करना मुश्किल हो सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार को नियमों में बदलाव करना चाहिए, ताकि किसान आसानी से अपनी उपज बेच सकें.
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किस मंडी में कितनी हुई गेहूं की आवक
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल को मंडियों में फसल की आवक भी कम रही. घरौंडा में 360 क्विंटल, कर्नाल में 90 क्विंटल, असंध में 450 क्विंटल और इंद्री में सिर्फ 22 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई. वहीं, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने घरौंडा अनाज मंडी का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया, जबकि डिप्टी कमिश्नर उत्तम सिंह ने कर्नाल मंडी का निरीक्षण किया. दोनों अधिकारियों ने कहा कि खरीदी शुरू होने पर किसानों को कोई परेशानी न हो और इसके लिए सभी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ मौजूद हैं.
बायोमेट्रिक आधारित हो गई प्रक्रिया
दरअसल, अब हरियाणा में गेहूं खरीदी बायोमेट्रिक आधारित हो गई है, जिसमें किसान खुद आएंगे या तीन में से किसी एक नामांकित व्यक्ति को सत्यापन के लिए अधिकृत कर सकते हैं. सभी मंडियों को जियो-फेंस किया गया है, ताकि गेट पास, नीलामी, बिक्री रसीद (J-Forms) और फसल उठाने की प्रक्रिया केवल मंडी परिसर में ही हो. अनाज के भंडारण स्थानों को भी जियो-फेंस किया गया है, ताकि अनियमितताओं पर नजर रखी जा सके.
जिले में 24 क्रय केंद्र बनाए गए हैं
गेट पास के लिए वाहनों की नंबर प्लेट की तस्वीरें अपलोड करना अब अनिवार्य कर दिया गया है. जिन किसानों के पास नंबर प्लेट नहीं है, वे नंबर मैनुअली दिखा सकते हैं, और जिनके पास ट्रैक्टर नहीं है, वे संबंधित एसडीएम से अनुमति ले सकते हैं. मंडियों में हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं और फसल आने का समय सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक निर्धारित किया गया है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्टर करना होगा और फसल सत्यापन सैटेलाइट इमेजरी के जरिए किया जाएगा. ऐसे करनाल जिले में 24 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 10 अनाज मंडियां और 14 खरीद केंद्र शामिल हैं. जिले के डिप्टी कमिश्नर उत्तम सिंह का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं.