मौसम का असर! दूध उत्पादन में 12 फीसदी की कमी.. गर्मी से इस राज्य में कम दूध दे रहे मवेशी

तमिलनाडु के मदुरै में भीषण गर्मी और कम बारिश से दूध उत्पादन प्रभावित हुआ है. आविन की रोजाना दूध खरीद 1.70 लाख लीटर से घटकर 1.50 लाख लीटर रह गई है. तेज गर्मी, पानी और चारे की कमी से गाय-भैंस कम दूध दे रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र के दुग्ध उत्पादन पर असर पड़ा है.

नोएडा | Updated On: 17 Jul, 2026 | 03:58 PM

Milk Production: तमिलनाडु के मदुरै में भीषण गर्मी और कम बारिश के कारण दूध उत्पादन पर असर पड़ा है. खासकर बढ़ते तापमान की वजह से आविन (Aavin) के मदुरै डिवीजन में पिछले एक सप्ताह से रोजाना करीब 20,000 लीटर दूध की खरीद घट गई है. अधिकारियों के अनुसार, करीब 10 दिन पहले आविन रोजाना 1.70 लाख लीटर दूध खरीद रहा था, लेकिन अब यह घटकर 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन रह गया है. यानी उत्पादन में करीब 12 फीसदी की गिरावट आई है.

दूध उत्पादकों का कहना है कि उसिलामपट्टी, चेल्लामपट्टी और सेडापट्टी क्षेत्रों में तेज गर्मी का सबसे ज्यादा असर पशुओं पर पड़ा है. इससे गाय और भैंस कम दूध दे रही हैं, जिसके कारण दूध उत्पादन में गिरावट आई है. मदुरै जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के पूर्व निदेशक एम. पलानियप्पन ने कहा कि अत्यधिक गर्मी का असर गाय-भैंस समेत कई पशुओं पर पड़ता है, जिससे उनकी दूध देने की क्षमता कम हो जाती है.

दूध में फैट और प्रोटीन की मात्रा भी कम हो जाती है

पूर्व निदेशक एम. पलानियप्पन ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि ज्यादातर पशु खेतों में खुले में रहते हैं. ऐसे में तेज गर्मी और गर्म हवाओं का उन पर सीधा असर पड़ता है. गर्मी के कारण कई पशु कम चारा खाते हैं, तेजी से सांस लेते हैं और उनके शरीर से ज्यादा पानी निकलता है. उन्होंने कहा कि इन हालात में गाय और भैंस का दूध उत्पादन 10 से 25 फीसदी तक घट सकता है, जो पशु की सेहत पर निर्भर करता है. इसके अलावा, दूध में फैट और प्रोटीन की मात्रा भी कम हो जाती है.

गाय- भैंस दे रहीं कम दूध

तमिलनाडु मिल्क फार्मर्स एसोसिएशन (मदुरै) के अध्यक्ष एसी वेणमणि चंद्रन ने कहा कि चारे और चरागाह की कमी से पशुओं को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है. इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले दो सप्ताह से उसिलामपट्टी और सेडापट्टी क्षेत्रों में पानी की भारी कमी है. इससे गाय समेत सभी दुधारू पशु प्रभावित हुए हैं. पहले एक गाय औसतन 7 से 8 लीटर दूध देती थी, लेकिन अब यह घटकर 5 से 6 लीटर प्रतिदिन रह गया है. तमिलनाडु मिल्क फार्मर्स एसोसिएशन के अनुसार, उसिलामपट्टी के मेलामथरई दुग्ध सहकारी समिति में ही रोजाना करीब 70 लीटर दूध की खरीद कम हो गई है.

खेती और पशुपालन दोनों प्रभावित

उसिलामपट्टी, चेल्लामपट्टी और सेडापट्टी के 300 से ज्यादा दुग्ध सहकारी समितियां मिलकर आविन (मदुरै) को 70 फीसदी से अधिक दूध उपलब्ध कराती हैं. किसानों का कहना है कि अगर बारिश नहीं हुई और गर्मी ऐसे ही बनी रही, तो आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, इन इलाकों में पानी की भारी कमी है. तालाब और छोटे जलाशय सूख चुके हैं, जिससे खेती और पशुपालन दोनों प्रभावित हुए हैं. हाल के दिनों में यहां बहुत कम बारिश हुई, जबकि तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा.

दूध उत्पादन में भारी गिरावट

वहीं, आविन (मदुरै) के अधिकारियों ने भी माना कि तेज गर्मी के कारण दूध की खरीद में कमी आई है. अधिकारियों के अनुसार, जहां सामान्य दिनों में रोजाना 1.70 लाख लीटर दूध की खरीद होती थी, वहीं पिछले एक सप्ताह से यह घटकर करीब 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन रह गई है. अधिकारियों ने कहा कि दूध की खरीद में सबसे ज्यादा गिरावट उसिलामपट्टी, चेल्लामपट्टी और सेडापट्टी क्षेत्रों से आई है. इन इलाकों में तेज गर्मी के कारण दूध उत्पादन कम हुआ है, जिससे आविन की कुल दूध खरीद प्रभावित हुई है. फिलहाल रोजाना करीब 1.50 लाख लीटर दूध ही खरीदा जा रहा है.

 

Published: 17 Jul, 2026 | 03:54 PM

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