Agriculture News in Hindi Live Updates: केरल में मॉनसून के प्रवेश करने के बाद से मौसम हर दिन करवट बदल रहा है. तटीय राज्यों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की जा रही है. जबकि, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अभी भी लू-लपट (Heat Wave) चल रही है. उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत (Weather Today) के कुछ हिस्सों में बदली के चलते तापमान कम हुआ है तो कई जगह गर्मी तेवर दिखा रही है. दिल्ली एनसीआर में गर्मी से लोगों हाल बेहाल है. (Delhi Weather Latest Updates). वहीं, पंजाब और हरियाणा, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू और गर्म हवाएं चलने का दौर जारी है. राजस्थान, झारखंड समेत कई राज्यों में गर्म हवाओं से सुबह-शाम तापमान तीजे से ऊपर जा रहा है. पीएम किसान सम्मान निधि 23वीं किस्त (PM Kisan Samman Nidhi 23rd Installment) एमएसपी गारंटी कानून (MSP Guarantee) की मांग और रबी सीजन (Rabi Season) की फसलों की बुवाई और के बाद अब एमएसपी पर फसलों की खरीद प्रक्रिया शुरू हो रही है. किसान आंदोलन (Farmers Protest News), खेती समाचार (Agriculture News India), सरकारी कृषि स्कीम, कृषि योजना पर सब्सिडी, पशुपालन (Animal Husbandry), खाद सब्सिडी (Fertilizer News) और उन्नत बीज (Best Seeds), फसल की नई किस्में (Crops News Verities) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं. इसके अलावा देशभर में होने वाली घटनाओं की ताजा जानकारी (Breaking News Today List) भी आप यहां पर पढ़ सकते हैं. Top News List Today
अक्षरधाम फ्लाईओवर पर सामान से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई, सड़क पर लगा लंबा जाम
Agriculture News in Hindi: झारखंड में धूप की तपिश के आगे मॉनसून फीका पड़ गया है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून पहुंचने के बावजूद बारिश कम हुई है. उमस और गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ी है। मौसम विभाग ने जल्द बारिश की संभावना जताई है. आज दिनभर की कृषि समाचार (Krashi Samachar) अपडेट्स आपको यहां मिलेंगे.
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Posted By: वेंकटेश कुमार
दालों की बुवाई में भी आई कमी, 1.55 लाख हेक्टेयर रह गया रकबा
दालों की बुवाई में भी कमी देखने को मिली है. इस साल 1.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दालों की बुवाई हुई, जबकि पिछले साल यह 2.73 लाख हेक्टेयर थी. दालों में मूंग की बुवाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है. इसके अलावा अरहर और उड़द के रकबे में भी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि यदि 2026 में मॉनसून सामान्य से कम रहता है तो इसका सबसे ज्यादा असर दालों, सोयाबीन और कपास के उत्पादन पर पड़ सकता है. इसकी मुख्य वजह यह है कि इन फसलों का बड़ा हिस्सा उन राज्यों में उगाया जाता है, जहां सिंचाई सुविधाएं अपेक्षाकृत कमजोर हैं और खेती काफी हद तक बारिश पर निर्भर करती है.
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Posted By: वेंकटेश कुमार
अक्षरधाम फ्लाईओवर पर सामान से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई, सड़क पर लगा लंबा जाम
दिल्ली में अक्षरधाम फ्लाईओवर पर सामान से लदी एक ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई, जिससे मार्ग बाधित हुआ. घटनास्थल को पुनर्स्थापित करने का प्रयास जारी है.
#WATCH | दिल्ली | अक्षरधाम फ्लाईओवर पर सामान से लदी एक ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई, जिससे मार्ग बाधित हुआ। घटनास्थल को पुनर्स्थापित करने का प्रयास जारी है। pic.twitter.com/unZ7xUGrS2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 18, 2026
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Posted By: वेंकटेश कुमार
मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, कही ये बात
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी की स्थिति कमजोर हो चुकी है और वह केवल मीडिया में बने रहने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि सड़क किनारे बैठने वाले रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को पहले गलत तरीके से जगह दी गई थी. सरकार अब सड़कों को खाली कराने का काम करेगी और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जे की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने इन विक्रेताओं को वहां बैठाया था, उनसे जवाब मांगा जाना चाहिए.
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Posted By: वेंकटेश कुमार
खरीफ सीजन की बुवाई में गिरावट, 84.6 लाख हेक्टेयर पहुंचा रकबा
खरीफ सीजन की बुवाई इस साल जून के शुरुआती 12 दिनों में पिछले साल की तुलना में धीमी रही है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 12 जून तक किसानों ने 84.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 88.04 लाख हेक्टेयर था. यानी कुल बुवाई क्षेत्र में करीब 3.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कपास की बुवाई में आई कमी रही. 12 जून तक कपास का रकबा घटकर 9.53 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि के 13.19 लाख हेक्टेयर की तुलना में 27.8 प्रतिशत कम है. यानी कपास का क्षेत्रफल 3.66 लाख हेक्टेयर घट गया है.
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Posted By: वेंकटेश कुमार
गुजरात, कर्नाटक और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी कपासकी बुवाई जारी
गुजरात, कर्नाटक और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी बुवाई जारी है, लेकिन कुल मिलाकर कपास की खेती में गिरावट देखी जा रही है. उत्तर भारत में कपास की बुवाई आमतौर पर अप्रैल के मध्य से मई के अंत तक पूरी हो जाती है, और इस साल भी अधिकांश क्षेत्रों में यह प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है. इस खरीफ सीजन में उत्तर भारत में कपास की खेती का रकबा घटा है. पंजाब में 11 जून तक कपास का क्षेत्र घटकर 0.80 लाख हेक्टेयर रह गया, जबकि पिछले साल यह 1.19 लाख हेक्टेयर था.
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Posted By: वेंकटेश कुमार
कपास के रकबे में गिरावट, 28 फीसदी घटी खेती
उत्तर भारत में इस खरीफ सीजन के दौरान किसानों का रुझान कपास की बजाय धान की खेती की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है. सरकारी खरीद की गारंटी और बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद के चलते कई किसानों ने कपास का रकबा कम कर दिया है. इसका असर बुवाई के आंकड़ों में भी दिख रहा है. इसके चलते उत्तर भारत में कपास की बुवाई में करीब 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. वहीं, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में इस साल कपास का रकबा घटकर 9 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 11.56 लाख हेक्टेयर था. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 12 जून तक पूरे देश में कपास का कुल रकबा 9.53 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 13.19 लाख हेक्टेयर से करीब 28 प्रतिशत कम है.
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Posted By: वेंकटेश कुमार
किसानों को सतर्क रहने की दी गई सलाह, जानें वजह
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल और तमिलनाडु के किसानों को भारी बारिश के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी है. विभाग ने कहा है कि किसान धान, मोटे अनाज, गन्ना, मूंगफली, सब्जियां और केला, नारियल, अदरक व काली मिर्च जैसी फसलों की बेहतर जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि तेज बारिश से फसलों को नुकसान न हो. भारत में खरीफ सीजन की बुवाई जून में मॉनसून की शुरुआत के साथ शुरू होती है, जबकि इसकी कटाई सितंबर-अक्टूबर के आसपास होती है. देश की कुल कृषि उपज का लगभग आधा हिस्सा खरीफ सीजन से मिलता है.
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Posted By: वेंकटेश कुमार
18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है
भीषण गर्मी से जल्द ही राहत मिलने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है 18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके प्रभाव से कई इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है. IMD ने कहा है कि 18 से 23 जून के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम के बड़े बदलाव देखने को मिलेगा. उसके अनुसार, राजस्थान में 18 से 19 जून के बीच धूल भरी आंधी (डस्ट स्टॉर्म) चलने की संभावना जताई गई है. वहीं, बिहार, उत्तर पर्देश और मध्य प्रदेश में फिर से लू चलने की संभावना है.