भड़के किसान ने अधिकारी को दफ्तर में चप्पल से पीटा, 22 साल का धैर्य टूटा.. भूमि मुआवजे का मामला
Karnataka Bagalkot Land compensation : पीड़ित किसान ने कहा कि 2004 से वह दफ्तर और अधिकारियों के चक्कर काट रहा है. लेकिन अब तक उसकी समस्या हल नहीं की गई और बीते कुछ वक्त से अधिकारी बात भी नहीं कर रहे थे. इसके बाद किसान दलित संघर्ष समिति के लोगों के साथ पहुंचा था.
कर्नाटक के बागलकोट जिले के विकास प्राधिकरण कार्यालय में उस वक्त अफरातफरी और हड़कंप मच गया है जब एक किसान ने अधिकारी पर चप्पल बरसा दिए. किसान ने अधिकारी का कॉलर पकड़कर उसे चप्पल से मारा. किसी तरह अधिकारी छुड़ाकर भागा. बाद में दफ्तर के कर्मचारी मौके पर पहुंचे. दरअसल, यह मामला जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में देरी से जुड़ा है. पीड़ित किसान लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काट रहा था और उसका धैर्य जवाब दे गया. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. मामले में स्थानीय पुलिस जांच में जुट गई है.
जमीन अधिग्रहण का मुआवजा में देरी पर नाराज किसान
कर्नाटक में बागलकोट के टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी (BTDA) के दफ्तर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किसान ने अधिकारी नीलकंठ अंकद के साथ मारपीट की. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पानी में डूबी जमीन और जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में देरी किए जाने से किसान बसप्पा डोडामणि को नाराज थे और वह काफी समय से दफ्तर के चक्कर काट रहे थे, लेकिन हर बार उनके मामले को टाल दिया जाता था.
किसान ने चप्पल से पीटा, वीडियो वायरल
नाराज किसान बसप्पा डोडामणि अपने कुछ साथियों के साथ शनिवार को बागलकोट टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी (BTDA) के दफ्तर पहुंचे. वहां उनकी एक अधिकारी से मुआवजे में देरी किए जाने को लेकर बातचीत हो रही थी. इस बीच कथित तौर पर किसान ने अधिकारी पर चप्पल से हमला कर दिया और उनका कॉलर पकड़ कर पीटा. इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.
अधिकारी ने किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई
वीडियो में किसान बसप्पा डोडामणि को BTDA के दफ्तर के अंदर कर्मचारी नीलकंठ अंकद से बहस करते और उन्हें चप्पल मारते हुए देखा जा सकता है. घटना के बाद दूसरे कर्मचारी वहां जमा हो गए और अंकद को दूसरे कमरे में ले गए. हालांकि, नाराज किसान ने कुछ देर तक नारेबाजी की और बाद में दफ्तर से चला गया. बाद में अधिकारी अंकद ने बागलकोट टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच चल रही है.
A tense situation erupted at the Bagalkote Town Development Authority (BTDA) office after a farmer allegedly assaulted a staff member during a land compensation-related meeting.
According to sources, farmer Basavaraj Doddamani, whose land was acquired in 2004 near Dadenavar… pic.twitter.com/KhfUmHTZuM
— Hate Detector 🔍 (@HateDetectors) June 13, 2026
2004 से मुआवजे के लिए भटक रहा किसान
किसान ने मीडिया से कहा कि वह मुआवजे को लेकर लंबे समय से भटक रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है. रिपोर्ट के अनुसार किसान बसप्पा डोडामणि की जमीन 2004 में बागलकोट शहर को जोड़ने वाले सड़क प्रोजेक्ट के लिए डेडनवर सर्कल के पास अधिग्रहित की गई थी. मुआवजे में देरी और अपर्याप्त मुआवजे से कथित तौर पर वह नाराज थे. इसको लेकर कई बार शिकायती पत्र देने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई.
दलित संघर्ष समिति ने किया प्रदर्शन और नारेबाजी
किसान के साथ दलित संघर्ष समिति (DSS) के कार्यकर्ता पहुंचे थे, जिन्होंने अथॉरिटी परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. इस दौरान उन्होंने अथॉरिटी के खिलाफ नारे लगाए और उचित मुआवजे व जवाबदेही की मांग की. संगठन ने कहा कि अधिकारी मनमानी करके किसानों को कई सालों से परेशान कर रहे हैं और अब मुआवजा देने से भी मना कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसानों को मुआवजा मिलने तक उनका प्रदर्शन चलेगा.