Telangana News: तेलंगाना की मंडियों में मिर्च की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे किसानों में खुशी का माहौल है. उन्हें मार्केट में अच्छा रेट मिल रहा है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि मिर्च की खेती का रकबा घटने से कीमतों में तेजी आई है. साथ ही थ्रिप्स कीट और विल्ट रोग के बढ़ते प्रकोप भी रेट के बढ़ोतरी में अपना रोल अदा कर रहे हैं. जबकि, व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने से वारंगल और खम्मम की कृषि मंडियों में मिर्च की कीमतों में तेज उछाल आया है. वहीं, फसल प्रभावित होने से आवक घटी है, जबकि निर्यात मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे दाम लगातार बढ़ रहे हैं.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते दाम 22,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे, जबकि फिलहाल मंडियों में मिर्च 15,000 से 18,500 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में बिक रही है, जो बीते तीन साल का सबसे ऊंचा स्तर है. खम्मम के किसान बी. रामबाबू के मुताबिक, मिर्च का रकबा करीब पांच साल पहले 1.25 लाख एकड़ था, जो अब घटकर करीब 30,000 एकड़ रह गया है, इसी वजह से कीमतों में तेज उछाल आया है.
लाल मिर्च बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला
प्रो. जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय की मार्केट इंटेलिजेंस यूनिट के अनुसार, दिसंबर के आखिरी सप्ताह में लाल मिर्च बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला. नई फसल की आवक में गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आई शुरुआती आवक अधिक नमी और बारिश से प्रभावित रही, जिससे खरीदारों ने सावधानी बरती और कारोबार सुस्त रहा. जनवरी 2026 के लिए जारी आउटलुक में बताया गया है कि निकट भविष्य में बाजार सीमित दायरे में ही रहने की संभावना है और धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है.
मिर्च के दाम 13,500 से 15,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रह सकते हैं
अनुमान है कि जनवरी 2026 में मिर्च के दाम 13,500 से 15,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रह सकते हैं. वहीं तेलंगाना रैयतू संघ के नेता एस. मल्ला रेड्डी ने कहा कि इस साल मिर्च का उत्पादन करीब 4 लाख टन रह सकता है, जबकि सामान्य तौर पर सालाना उत्पादन लगभग 6.50 लाख टन होता है. वहीं, आंध्र प्रदेश के कृषि मंत्री किंजरापु अच्चन्नायडू ने हाल ही में कहा कि मजबूत मांग के चलते इस सीजन में मिर्च की कीमतों का रुख सकारात्मक नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में मिर्च का रकबा तेजी से घटा है. पिछले साल जहां 1.96 लाख एकड़ में मिर्च की खेती हुई थी, वहीं इस साल यह घटकर 1.06 लाख एकड़ रह गई है. उत्पादन के मोर्चे पर भी गिरावट का अनुमान है. पिछले साल 6.62 लाख टन उत्पादन हुआ था, जबकि इस साल यह करीब 5.39 लाख टन रहने की संभावना है.