Smart Farming : सुबह की हल्की धूप, खेतों में हरियाली और किसान के चेहरे पर सुकून-यह तस्वीर अब सिर्फ मेहनत की नहीं, समझदारी की भी पहचान बन रही है. बदलते दौर में किसान अब परंपरागत खेती से आगे बढ़कर ऐसे तरीके अपना रहे हैं, जिनसे कम समय में ज्यादा कमाई हो सके. इसी सोच ने एक खेत, दो फसल वाले स्मार्ट खेती मॉडल को जन्म दिया है, जो किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है.
खेती का बदला पैटर्न, मुनाफा बना लक्ष्य
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खेती का तरीका तेजी से बदल रहा है. अब किसान सिर्फ धान, गेहूं और मक्का तक सीमित नहीं रहना चाहते. मेहनत तो पहले भी उतनी ही होती थी, लेकिन कमाई उतनी नहीं हो पाती थी. इसी वजह से किसानों ने खेती का पैटर्न बदला है. अब खेतों में हरी सब्जियां, फल और नई किस्म की फसलें भी उगाई जा रही हैं, ताकि आमदनी बढ़ाई जा सके.
एक खेत में दो फसल, समय और जमीन का पूरा इस्तेमाल
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ किसान एक ही खेत में दो अलग-अलग फसलें उगाकर डबल कमाई कर रहे हैं. खेत के बीच में एक फसल और मेड़ पर दूसरी फसल लगाई जा रही है. इससे खेत की हर इंच जमीन का सही इस्तेमाल होता है. इस मॉडल में लंबी अवधि वाली फसल के साथ कम समय में तैयार होने वाली सब्जी उगाई जाती है, जिससे बीच में ही पैसे आने लगते हैं.
जल्दी तैयार होने वाली फसल से मिलती है त्वरित आमदनी
इस खेती मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक फसल जल्दी तैयार हो जाती है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सब्जी की फसल करीब दो महीने में ही बाजार के लिए तैयार हो जाती है. इससे किसानों को तुरंत आमदनी मिल जाती है. वहीं दूसरी फसल को तैयार होने में ज्यादा समय लगता है, लेकिन उसकी बाजार कीमत अच्छी मिलती है. इससे किसान को एक के बाद एक कमाई होती रहती है.
आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ते किसान
रिपोर्ट बताती है कि इस तरीके से खेती करने पर किसानों को पैसों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता. पहले जहां एक ही फसल पर निर्भर रहना पड़ता था, अब उसी खेत से दो बार आमदनी हो रही है. इससे खेती का जोखिम भी कम हुआ है और आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है. किसानों का मानना है कि अगर सही योजना और मेहनत हो, तो खेती आज भी फायदे का काम बन सकती है.