Budget 2026: बजट 2026 किसानों के लिए काफी अहम साबित होने वाला है. पिछले कुछ सालों में कृषि के लिए सरकार का बजट लगातार बढ़ता गया है. साल 2013-14 में यह सिर्फ ₹21,933 करोड़ था और अब यह बढ़कर ₹1.27 लाख करोड़ से ज्यादा हो चुका है. इस बजट का मकसद सिर्फ पैसा खर्च करना नहीं है, बल्कि खेती को मजबूत बनाना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आमदनी बढ़ाना भी है.
ऐसे में आने वाले बजट सत्र में किसानों के हित में कुछ खास फैसले लिए जा सकते हैं. इसकी मदद से न सिर्फ किसानों को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिलेंगे, बल्कि उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और आय में भी सुधार होगा. इसके अलावा, कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलने से किसानों को वैश्विक बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे, डिजिटल खेती और सहायक क्षेत्रों में सुधार से उनकी लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा. कुल मिलाकर यह बजट किसानों के लिए लाभ और सुरक्षा का पैकेज साबित होगा.
कृषि लागत और सुधार
कृषि क्षेत्र देश की जीडीपी (GDP) का लगभग 18-20% हिस्सा देता है. इसलिए सरकार की कोशिश है कि इस क्षेत्र में निवेश बढ़े. फसल उत्पादन, टिकाऊ खेती, डिजिटल खेती की तकनीक और किसानों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस रहेगा. अब किसान नई तकनीक, मशीनरी और बेहतर बीज से ज्यादा फायदा उठा पाएंगे.
माना जा रहा है कि, कृषि बजट 2025-26 में 1.37 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये हो सकता है. इसमें पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत सिंचाई योजनाओं जैसी योजनाओं के लिए अधिक निधि शामिल हो सकती है.
नया सीड बिल 2025
बजट 2026 में नया सीड बिल (New Seed Bill) पेश होने वाला है. इसका मुख्य मकसद नकली और घटिया बीज बेचने वालों पर कड़ा कानून लागू करना है. इसमें दोषी को ₹30 लाख तक का जुर्माना और तीन साल तक की जेल भी हो सकती है. इससे किसान सुरक्षित और बेहतर क्वालिटी के बीज इस्तेमाल कर सकेंगे और उनकी फसलें खराब नहीं होंगी. बीज और उर्वरक कंपनियों को भी फायदा होगा क्योंकि अब सही क्वालिटी वाले बीज ही बाजार में आएंगे.
कृषि और खाद्य निर्यात
भारत हर साल लगभग 50-55 बिलियन डॉलर की कृषि और खाद्य सामग्री विदेशों को बेचता है. बजट 2026 में इसके लिए भी खास कदम उठाए जा सकते हैं. निर्यात को आसान बनाने, मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को सपोर्ट देने की योजना है. इससे किसान और कृषि कंपनियां दुनिया के बाजारों में आसानी से पहुंच पाएंगी.
सहायक क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर
सिर्फ फसल ही नहीं, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी और प्रसंस्करण उद्योग में भी सुधार किए जाएंगे. कोल्ड-चेन और फार्म-टू-मार्केट लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया जाएगा. उर्वरक, कृषि रसायन, सिंचाई उपकरण और मशीनरी में निवेश बढ़ने से किसान की लागत कम होगी और उत्पादन ज्यादा होगा.
बजट का लंबा असर
बजट 2026 सिर्फ तुरंत फायदा देने वाला नहीं है. इसका मकसद सब्सिडी आधारित मदद से हटकर, उत्पादन और तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देना है. अच्छी फसल की उम्मीद, बेहतर ग्रामीण क्रेडिट और लॉजिस्टिक्स सुधार किसानों और निवेशकों दोनों के लिए फायदेमंद होंगे.
बजट 2026 किसानों के लिए बदलाव और अवसरों से भरा हुआ है. नकली बीज पर कड़ी कार्रवाई, कृषि निर्यात में मदद, डिजिटल खेती और सहायक क्षेत्रों में सुधार से किसान सीधे फायदा उठाएंगे. इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी, उत्पादन में सुधार होगा और भारतीय कृषि को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया जाएगा.