पंजाब में किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमों और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल पूछने जा रहे किसानों पर गुरदासपुर में पुलिस ने लाठियां चला दीं. किसानों का आरोप है कि वह शांतिपूर्वक पंजाब सीएम से सवाल पूछने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया और किसानों की पगड़ी गिरा दी. किसानों ने कहा कि जबकि पुलिस प्रशासन से किसान नेता बातचीत कर रहे थे. पुलिस की इस कार्रवाई से किसानों में भारी नाराजगी है.
गुरदासपुर में किसानों और पुलिस में टकराव
किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में पंजाब के गुरदासपुर से पहुंचे सीएम भगवंत मान से किसानों के हक की मांग करने कार्यकर्ता जा रहे थे. मोर्चा का यह कार्यक्रम पहले से प्रस्तावित था. किसान मजदूर मोर्चा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गुरदासपुर जिले के कहनूवान में मुख्यमंत्री भगवंत मान से शांतिपूर्वक सवाल पूछने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोक दिया. इस पर किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई.
पुलिस ने लाठीचार्ज किया और किसानों की पगड़ी गिरा दी
किसान मजदूर मोर्चा के बयान में कहा गया है कि मनमानी कार्यवाही से नाराज किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए. इससे पुलिसकर्मी भड़क गए और किसानों, मजदूरों और महिलाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और उनकी पगड़ी उतार दी गई. पुलिस की कार्रवाई से नाराज किसानों ने सरकार और पुलिस विरोधी नारेबाजी की. पुलिस की कार्रवाई से चक्काजाम हो गया.
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किसान की पगड़ी उतरने पर हंगामा हो गया.
नाराज किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की
किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्वक तरीके से विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने जा रहे थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. किसान नेता हरविंदर सिंह मसानी जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर रहे थे, तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया है. इससे धक्कामुक्की में किसान की पगड़ी जमीन पर गिर गई. नाराज किसानों ने हंगामा किया और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की.
क्यों विरोध कर रहे किसान
किसान मजदूर मोर्चा की ओर से कहा गया कि राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार किसान और मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही है. कहा गया कि बीते सालों में शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे पक्के मोर्चों को पुलिस ने हटा दिया था और कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया था. तब से किसानों के ट्रैक्टर, ट्रॉलियों समेत करोड़ों रुपये का सामान चोरी कर लिया गया है. जबकि, फर्जी तरीके से किसानों पर ही मुकदमे दर्ज किए गए हैं.

पुलिस की कार्रवाई से नाराज किसानों ने नारेबाजी की.
किसानों के सामान नुकसान 3 करोड़ मुआवजा दे सरकार
किसान नेताओं ने मांग की कि शंभू खनौरी बॉर्डर पर हुए नुकसान का 3 करोड़ 77 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, बिजली संशोधन, बीज एक्ट, लैंड रिजर्वेशन पंजाब में लागू न किया जाए, केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे व्यापार समझौते का पंजाब सरकार विरोध करे और शंभू खनौरी मोर्चा के शहीदों और घायलों को मुआवजा दिया जाए. किसान नेताओं ने भगवंत मान की सरकार को सख्त चेतावनी दी कि अगर लोगों के हकों का जवाब नहीं दिया गया और उल्टा किसानों पर कार्रवाई की जाती रही तो आने वाले दिनों में बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा.