बसंत पंचमी 2026: करियर में आ रही है परेशानियां? बसंत पंचमी पर करें ये उपाय, सफलता चूमेगी आपके कदम

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी का पावन त्योहार इस साल 23 जनवरी को मनाया जाएगा. इस दिन मां सरस्वती की पूजा का विधान है. इस दिन माता को पीले और सफेद रंग की चीजों का भोग अर्पित करें और सरस्वती मंत्र का जाप करें. यह पूजा ज्ञान, कला, संगीत और पढ़ाई में सफलता दिलाने के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 21 Jan, 2026 | 12:54 PM

Basant Panchami: सनातन धर्म में बसंत पंचमी का त्योहार बड़ा महत्व रखता है. यह त्योहार ज्ञान, विद्या, कला, संगीत और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है. बसंत पंचमी को श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस तिथि पर उनकी विधिवत पूजा करने से बुद्धि, विवेक और ज्ञान में वृद्धि होती है.

इस साल में बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि का विशेष महत्व तब माना जाता है जब यह सूर्योदय से लेकर दोपहर तक रहती है. इसी कारण 23 जनवरी का दिन सरस्वती पूजा के लिए सबसे उत्तम माना गया है.

बसंत पंचमी 2026 का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि की शुरुआत 23 जनवरी को तड़के 02:28 बजे होगी और इसका समापन 24 जनवरी को 01:46 बजे रात्रि में होगा. उदया तिथि के आधार पर पूजा 23 जनवरी को ही की जाएगी.

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा. वहीं, सबसे श्रेष्ठ समय यानी अमृत काल सुबह 09:19 बजे से 10:40 बजे तक माना गया है. इस दौरान पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.

सरस्वती पूजा की विधि

बसंत पंचमी के दिन सुबह स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र धारण करें. पूजा स्थल को साफ कर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. मां को पीले फूल, अक्षत, चंदन और धूप-दीप अर्पित करें. विद्यार्थी इस दिन अपनी किताबें, कॉपी और वाद्य यंत्र मां के चरणों में रखकर आशीर्वाद लेते हैं.

Saraswati Puja Shubh Muhurat

सरस्वती पूजा की विधि

सरस्वती पूजा के प्रमुख मंत्र

मंत्र जाप से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है.

  • “या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता…”
  • ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः (बीज मंत्र)
  • ॐ सरस्वत्यै नमः

इन मंत्रों का श्रद्धा से जाप करने से ज्ञान और एकाग्रता में वृद्धि होती है.

भोग का महत्व

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को सफेद और पीले रंग के भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है. खीर, केसर युक्त मिठाई, हलवा, मिश्री, दही, पंचामृत, ड्राई फ्रूट्स और मौसमी फल भोग में शामिल किए जा सकते हैं.

बसंत पंचमी के विशेष उपाय

इस दिन सरस्वती चालीसा का पाठ करें और पीली वस्तुओं जैसे चना दाल, हल्दी, पीले वस्त्र का दान करें. मान्यता है कि इससे शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और करियर में सफलता मिलती है.

बसंत पंचमी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी को न केवल मां सरस्वती का जन्मोत्सव माना जाता है, बल्कि इसी दिन रति और कामदेव के पृथ्वी पर आगमन की भी कथा जुड़ी है. इसलिए कई स्थानों पर दांपत्य सुख और प्रेम जीवन की कामना से रति-कामदेव की भी पूजा की जाती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित हैं. किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.

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