Animal Husbandry: डेयरी का काम शुरू करने या घर के लिए गाय-भैंस खरीदने से पहले थोड़ा समय निकालकर सही पहचान करना बहुत जरूरी है. कई लोग जल्दी या कम कीमत के लालच में गलत पशु खरीद लेते हैं और बाद में दूध कम मिलने से नुकसान उठाते हैं. डेयरी एंव पशपालन विभाग ने जानकारी साझा की, अगर खरीदते समय कुछ आसान बातों का ध्यान रखा जाए, तो अच्छा दुधारू पशु मिल सकता है और कमाई भी बढ़ सकती है.
उम्र और सेहत की सही पहचान जरूरी
डेयरी एंव पशपालन विभाग के अनुसार, दुधारू पशु खरीदते समय सबसे पहले उसकी उम्र और सेहत की जांच करें. कम उम्र और एक-दो बार बच्चा दे चुकी गाय-भैंस ज्यादा दूध देती हैं. ज्यादा उम्र के पशु सस्ते तो मिलते हैं, लेकिन उनका दूध धीरे-धीरे कम होने लगता है. उम्र पहचानने के लिए दांत देखना सबसे आसान तरीका है. अगर दांत मजबूत और सही हालत में हैं तो पशु ज्यादा समय तक दूध देगा. इसके साथ ही पशु की आंखें चमकदार और शरीर चुस्त होना चाहिए. सुस्त या कमजोर दिखने वाला पशु आगे चलकर परेशानी दे सकता है.
शरीर की बनावट से पहचानें अच्छा पशु
एक अच्छा दुधारू पशु देखने में अलग पहचान में आता है. उसका आगे का हिस्सा हल्का और पीछे का हिस्सा चौड़ा होना चाहिए. इससे पता चलता है कि वह दूध देने वाला पशु है. चमड़ी पतली और मुलायम होना अच्छी सेहत की निशानी होती है. बाल चमकदार हों और पशु खड़ा रहने या चलने में ठीक लगे तो समझिए पशु स्वस्थ है. बीमार या कमजोर पशु लेने से दवाइयों का खर्च बढ़ जाता है और मुनाफा कम हो जाता है.
थन और दूध की धार जरूर देखें
दूध देने वाले पशु की पहचान उसके थनों से आसानी से की जा सकती है. चारों थन बराबर दूरी पर और सही आकार के होने चाहिए. बहुत छोटे या सख्त थन वाले पशु से ज्यादा दूध नहीं मिलता. खरीदने से पहले अपने सामने दूध निकलवाकर जरूर देखें. अगर दूध की धार सीधी और अच्छी गिर रही है तो पशु सही है. दूध निकालने के बाद थन ढीले होकर सिकुड़ जाएं तो यह अच्छे दुधारू पशु की पहचान मानी जाती है.
नस्ल, बच्चा देने की क्षमता और देखभाल
अच्छी नस्ल का पशु थोड़ा महंगा जरूर मिलता है, लेकिन वह लंबे समय तक दूध देता है और कम बीमार पड़ता है. इसलिए हमेशा अच्छी नस्ल का पशु ही चुनें. यह भी पता करें कि पशु समय पर बच्चा देता है या नहीं. हर साल बच्चा देने वाला पशु ज्यादा फायदेमंद होता है. खरीदने के बाद उसके खाने-पीने की जानकारी जरूर लें, ताकि अचानक बदलाव से दूध कम न हो. अगर पशुओं की पहचान करने में परेशानी हो तो किसी अनुभवी व्यक्ति की मदद ले सकते हैं. सही जानकारी और समझदारी से खरीदा गया पशु ही डेयरी के काम को मुनाफे वाला बनाता है.