Haryana Agriculture Scheme: हरियाणा सरकार ने खरीफ 2026 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए धान की सीधी बिजाई योजना को लागू कर दिया है. ये योजना राज्य के सभी जिलों में लागू होगी, हालांकि महेंद्रगढ़ जिले को इससे बाहर रखा गया है. सरकार का मुख्य उद्देश्य भूजल संरक्षण को बढ़ावा देना, खेती की लागत को कम करना और किसानों की मेहनत को आसान बनाना है. इस तकनीक से धान की खेती अधिक प्रभावी और टिकाऊ मानी जा रही है, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन भी मिल सकेगा.
किसानों को प्रति एकड़ मिलेगा सीधा लाभ
इस योजना के तहत हरियाणा सरकार उन किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी जो धान की सीधी बिजाई अपनाएंगे. ऐसे किसानों को भौतिक सत्यापन के बाद 4,500 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जाएगा. यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी. इस सहायता का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करना है. इससे न केवल उत्पादन लागत घटेगी बल्कि समय और मेहनत की भी बचत होगी, जिससे किसान अधिक लाभ कमा सकेंगे.
हरियाणा सरकार द्वारा खरीफ 2026 में धान की सीधी बिजाई योजना को सभी जिलों में (महेंद्रगढ़ को छोड़कर) लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य भूजल संरक्षण, कम लागत और कम मेहनत के साथ बेहतर उत्पादन को बढ़ावा देना है।
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— CMO Haryana (@cmohry) June 12, 2026
मशीन खरीद पर भी सरकार की बड़ी सब्सिडी
इस योजना में केवल खेती करने वाले ही नहीं, बल्कि मशीन खरीदने वाले किसानों को भी लाभ मिलेगा. जो किसान धान की सीधी बिजाई के लिए मशीन खरीदेंगे, उन्हें मशीन की कीमत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40,000 रुपये प्रति मशीन (जो भी कम हो) का अनुदान दिया जाएगा. यह सहायता किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी. इससे खेती की प्रक्रिया आसान होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी. सरकार का लक्ष्य कृषि को तकनीक आधारित और अधिक लाभकारी बनाना है.
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी शर्तें और फायदे
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को सरकार के पोर्टल Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकरण करना अनिवार्य है. बिना पंजीकरण के कोई भी किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा. आवेदन करते समय किसानों को अपनी फसल, भूमि और व्यक्तिगत जानकारी सही-सही दर्ज करनी होगी. इसके बाद विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसके आधार पर अनुदान दिया जाएगा. आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है. धान की सीधी बिजाई से किसानों को कई लाभ मिलेंगे. इसमें सबसे बड़ा फायदा भूजल की बचत, कम लागत और कम मेहनत का है. इसके साथ ही समय की भी बचत होगी और उत्पादन क्षमता में सुधार आने की संभावना