Budget 2026: नया Seed Bill खत्म करेगा किसानों की टेंशन, जानें कैसे मिलेगा फायदा और क्या होंगे बड़े बदलाव

New Seed Bill: बजट 2026 में सरकार नकली और घटिया बीजों पर सख्ती करने जा रही है. 1966 के पुराने कानून की जगह नया सीड बिल 2025 लाया जाएगा, जिसमें नकली बीज बेचने पर ₹30 लाख तक जुर्माना और जेल का प्रावधान होगा. परंपरागत बीजों को इससे बाहर रखा गया है. नए कानून से बीज ट्रैसेबिलिटी बढ़ेगी, राज्यों को कार्रवाई की ताकत मिलेगी और किसानों को सही और भरोसेमंद बीज मिलने में मदद होगी.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 20 Jan, 2026 | 08:29 PM

Budget 2026: देश के करोड़ों किसानों और बीज उद्योग से जुड़े लोगों के लिए बजट 2026 से बड़ी राहत की खबर सामने आई है. सरकार खेती को नुकसान पहुंचाने वाले नकली और घटिया बीजों पर लगाम कसने की तैयारी में है. इसके लिए 1966 के पुराने और कमजोर बीज कानून को हटाकर नया ‘सीड बिल 2025’ (Seed Bill 2025) लाया जाएगा. इस नए कानून का मकसद साफ है, किसानों को धोखा देने वालों पर सख्त कार्रवाई और सही बीज की गारंटी.

क्यों बदला जा रहा है 1966 का बीज कानून

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, मौजूदा 1966 का बीज कानून आज की जरूरतों के हिसाब से काफी नहीं है. नकली बीज बेचने पर सिर्फ 500 रुपये का जुर्माना होने से ऐसे अपराधियों में कोई डर नहीं है. इसका सीधा नुकसान किसानों को होता था जिससे फसल खराब, लागत बर्बाद और आमदनी में नुकसान होता है. इसी वजह से सरकार ने नया और मजबूत कानून लाने का फैसला किया है.

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा

नए सीड बिल 2025 के लागू होने से किसानों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि घटिया या नकली बीज बेचने वालों पर अब सख्त सजा तय होगी. मंत्री के मुताबिक, नए कानून में दोषी पाए जाने पर 30 लाख रुपये तक का जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है. इससे बाजार में नकली बीज बेचने वालों पर बड़ा अंकुश लगेगा.

परंपरागत बीजों पर नहीं पड़ेगा असर

किसानों के बीच यह चिंता भी थी कि कहीं नया कानून उनके पारंपरिक बीजों पर रोक न लगा दे. इस पर कृषि मंत्री ने साफ किया कि परंपरागत और किसान स्तर पर इस्तेमाल होने वाले बीजों पर नया नियम लागू नहीं होगा. यानी किसान अपनी देसी किस्मों और परंपरागत बीजों का इस्तेमाल पहले की तरह कर सकेंगे.

राज्यों को मिलेगी कार्रवाई की ताकत

नए बीज कानून के तहत कार्रवाई की जिम्मेदारी राज्यों को दी जाएगी. अभी नकली बीज के मामलों में अदालतों में केस सालों तक चलते थे. नए सिस्टम में राज्य स्तर पर कमेटियां जांच करेंगी और तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी. इससे किसानों को जल्दी न्याय मिलेगा.

बीज ट्रैसेबिलिटी से बढ़ेगी पारदर्शिता

सीड बिल 2025 की एक अहम खासियत बीज ट्रैसेबिलिटी सिस्टम होगी. इसका मतलब यह कि किसान यह जान सकेंगे कि बीज कहां से आया है, उसकी गुणवत्ता क्या है और किस कंपनी ने उसे बनाया है. इससे बीज बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी के मामले कम होंगे.

निजी क्षेत्र को मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार नए कानून में निजी कंपनियों को भी जिम्मेदारी के साथ बीज उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करेगी. हालांकि, इंपोर्टेड बीज बिना जांच के बाजार में नहीं आ सकेंगे. इससे देश में क्वालिटी वाले बीजों की उपलब्धता बढ़ेगी.

किसानों के लिए जरूरी सावधानियां

सरकार के साथ-साथ किसानों को भी सतर्क रहना होगा. बीज खरीदते समय

  • प्रमाणन टैग जरूर देखें
  • एक्सपायरी डेट जांचें
  • सीलबंद पैकेट ही लें
  • केवल अधिकृत विक्रेताओं से खरीदारी करें
  • जरूरत पड़ने पर बीज परीक्षण लैब में जांच करवाएं

सीड बिल 2025 किसानों के हित में एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है. यह कानून न सिर्फ नकली बीज माफिया पर चोट करेगा, बल्कि खेती को सुरक्षित, भरोसेमंद और मुनाफेदार बनाने की दिशा में भी मजबूत आधार तैयार करेगा.

 

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Published: 20 Jan, 2026 | 08:29 PM

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