किसानों से की जा रही वादाखिलाफी पर किसान संगठनों ने नाराजगी जताई है. किसान मजदूर मोर्चा पंजाब ने सीएम भगवंत मान और सरकार के 27 मंत्रियों-विधायक और नेताओं के दफ्तर, घर के घेराव का ऐलान किया है. मोर्चा के किसान संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि फसल खरीद के लिए एमएसपी गारंटी कानून, कर्जमाफी, आंदोलन के समय किसानों पर दर्ज मुकदमों को हटाने, शंभू-खनौरी सीमा से किसानों के समाना चोरी किए जाने समेत कई बिंदुओं पर सरकार ने वादा किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया जा रहा है. किसानों ने कहा कि 5 फरवरी को पंजाब में घेराव किया जाएगा.
किसान मजदूर मोर्चा पंजाब चैप्टर की ओर से किसान नेताओं ने पंजाब सरकार के नेताओं के घेराव का ऐलान किया है. किसान नेताओं ने कहा कि 5 फरवरी को राज्यभर में सरकार के मंत्रियों, विधायकों और नेताओं के दफ्तर और घरों का घेराव किया जाएगा. किसान नेताओं ने कहा कि बीते कई महीनों से किसान अपनी मांगों को लेकर पंजाब में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन, सरकार ध्यान नहीं दे रही है. उल्टा किसानों को बंद करने की कार्रवाई की जा रही है.
21 विधायकों और 6 मंत्रियों के साथ सीएम आवास का घेराव करेंगे
किसान मोर्चा ने कहा 5 फरवरी 2026 को पूरे पंजाब में 21 विधायकों और 6 मंत्रियों के साथ ही मुख्यमंत्री के आवासों के सामने एक दिवसीय धरना दिया जाएगा. किसानों की मांगों को पूरा कराने के लिए संकल्प लिया जाएगा. किसानों ने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2025, बीज अधिनियम 2025 के साथ ही भारत-अमेरिका व अन्य देशों के साथ किए जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से कृषि को बाहर रखा जाए. अगर इसके बाद भी सुनवाई नहीं होती है तो लंबे आंदोलन की तैयारी की जाएगी.
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किसानों की मुख्य मांगें
- शंभू–खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये का मुआवजा
- MSP को कानूनी गारंटी देने का कानून बनाया जाए
- किसानों-मजदूरों की कर्ज माफी सहित बाकी सभी लंबित मांगें पूरी की जाएं
- आंदोलन में घायल हुए लोगों और शहीदों को शेष मुआवज़ा तथा नौकरियां दी जाएं
- जिन दोषी अधिकारियों ने किसानों-मज़दूरों पर अत्याचार किया और उनका सामान चोरी किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
- बाढ़ से नष्ट हुई फसलों, घरों और पशुओं के नुकसान का शेष मुआवज़ा तुरंत जारी किया जाए.
- पंजाब सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इन कानूनों/समझौतों के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजे.
- स्मार्ट मीटर या प्री-पेड मीटर जबरन लगाए जाना पंजाब सरकार तुरंत बंद करे.
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- यूरिया खाद की कमी को दूर किया जाए और इसकी व्यावसायिक कालाबाज़ारी बंद की जाए.
- चल रहे गन्ना सीजन की बकाया पेमेंट किसानों को तुरंत दी जाए.