US‑India Trade Deal: हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील अमेरिकी किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है. अमेरिकी कृषि सचिव ब्रुक रॉलिन्स ने इस डील को ‘बंपर लॉटरी’ बताया है. उनका कहना है कि इस डील से अमेरिकी कृषि उत्पाद अब भारत के बाजार में आसानी से पहुंच पाएंगे. इससे अमेरिका के ग्रामीण इलाकों में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर कीमतें मिलेंगी. रॉलिन्स ने बताया कि साल 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा $1.3 बिलियन था, जिसे यह डील कम करने में मदद करेगी.
कृषि से लेकर हाईटेक तक: $500 बिलियन का सौदा
इस डील के तहत भारत ने अमेरिका से $500 बिलियन (लगभग 41,500 करोड़) से अधिक की खरीदारी का वादा किया है. इसमें कृषि उत्पादों के साथ ऊर्जा और हाई-टेक मशीनरी भी शामिल हैं. रॉलिन्स ने कहा कि यह डील केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है. अमेरिका और भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत साझेदारी करेंगे. इसके साथ ही अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगने वाले टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे ‘मेड इन इंडिया’ का सामान अमेरिका में सस्ता और प्रतिस्पर्धी होगा.
Thank you @POTUS for ONCE AGAIN delivering for our American farmers.
और पढ़ेंNew US-India deal will export more American farm products to India’s massive market, lifting prices, and pumping cash into rural America.
In 2024, America’s agricultural trade deficit with India was $1.3… https://t.co/Z04eNDfXjD
— Secretary Brooke Rollins (@SecRollins) February 2, 2026
रूस से दूरी, अमेरिका से दोस्ती
इस डील का एक खास पहलू है ऊर्जा कूटनीति. भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद करेगा और अपनी जरूरतों के लिए अमेरिका और वेनेजुएला पर निर्भर रहेगा. इसका असर न केवल ऊर्जा सुरक्षा पर होगा, बल्कि यूक्रेन युद्ध जैसी वैश्विक चुनौतियों में भी भारत की रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी. अमेरिका ने भारत के लिए भविष्य में व्यापारिक बाधाओं को कम करने का संकेत भी दिया है.
ट्रेड डील से भारत में क्या-क्या सस्ता हो सकता है?
- मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक सामान: अमेरिका से आने वाले मोबाइल, लैपटॉप और उनके पार्ट्स पर टैक्स घटने से ये चीजें सस्ती हो सकती हैं.
- दालें और कुछ खाने-पीने की चीजें: दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स और कुछ इंपोर्टेड फूड आइटम की कीमतें कम हो सकती हैं.
- कपड़े और फैशन से जुड़ा सामान: रेडीमेड कपड़े और टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स पर असर पड़ेगा, जिससे ये पहले से सस्ते मिल सकते हैं.
- घरेलू इस्तेमाल का सामान: पैकेज्ड फूड, किचन से जुड़े छोटे उपकरण और रोजमर्रा की चीजें सस्ती होने की उम्मीद है.
- टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोडक्ट्स: कंप्यूटर पार्ट्स, मशीनरी और टेक्नोलॉजी से जुड़े सामान आम लोगों के लिए किफायती हो सकते हैं.
भारतीय कंपनियों और रोजगार पर असर
टैरिफ कम होने से भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में बराबरी का फायदा मिलेगा. इसका सीधा असर युवाओं के लिए रोजगार पर भी पड़ेगा. मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात सेक्टर में नई जान आएगी और लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इसके साथ ही भारतीय कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा और वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका और मजबूत होगी. भारत-अमेरिका ट्रेड डील से अमेरिकी किसानों को सीधे लाभ मिलेगा और भारत के लिए यह अवसर है अपनी निर्यात क्षमता बढ़ाने का.