Wheat Farming : इन दिनों गेहूं की फसल अपने अहम दौर में है. पहली सिंचाई के बाद अब दूसरी सिंचाई का समय चल रहा है. इस वक्त अगर किसान थोड़ा सा समझदारी भरा देसी तरीका अपना लें, तो फसल की ताकत दोगुनी हो सकती है. खास बात यह है कि इस उपाय में न तो ज्यादा खर्च है और न ही कोई केमिकल, बल्कि घर में आसानी से मिलने वाली गोबर की खाद ही इसमें काम आती है.
दूसरी सिंचाई में क्यों जरूरी है सही देखभाल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी सिंचाई गेहूं की फसल के लिए बहुत अहम मानी जाती है. इसी समय पौधे मजबूत बनते हैं और आगे चलकर बालियां निकलती हैं. अगर इस दौरान पौधों को सही पोषण न मिले, तो बालियां कमजोर रह जाती हैं और दाने भी ठीक से नहीं बन पाते. इसलिए इस समय खेत को पोषण देना बेहद जरूरी होता है, ताकि आगे चलकर अच्छी पैदावार मिल सके.
गोबर खाद का आसान देसी तरीका
किसान सिंचाई के समय एक बेहद आसान और सस्ता तरीका अपना सकते हैं. जब खेत में पानी लगाया जाए, तो पानी के पाइप के मुहाने पर जूट के बोरे में पुरानी सड़ी हुई गोबर खाद भरकर रख दें. जैसे ही पानी उस बोरे से होकर गुजरता है, गोबर के पोषक तत्व धीरे-धीरे पानी में घुल जाते हैं. यह पोषक पानी पूरे खेत में समान रूप से फैल जाता है. इससे फसलों को सीधे प्राकृतिक खाद मिलती है और पौधों की बढ़वार बेहतर होती है. यह तरीका रासायनिक खाद पर खर्च कम करता है और मिट्टी की सेहत भी सुधारता है. कुल मिलाकर, यह देसी उपाय खेती को ज्यादा लाभकारी और टिकाऊ बनाता है.
बढ़ती गर्मी में फसल को कैसे बचाएं
मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है और ठंड जल्दी खत्म हो रही है. बढ़ती गर्मी का असर गेहूं की फसल पर साफ दिखता है. ज्यादा तापमान में बालियां कमजोर हो सकती हैं और दाने पतले रह सकते हैं. ऐसे में हल्की-हल्की सिंचाई करते रहना फायदेमंद होता है. खेत में हमेशा हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, ताकि गर्मी का असर कम पड़े.
बालियां निकलते समय रखें ये जरूरी सावधानी
जब गेहूं में बालियां निकलने लगती हैं, तब फसल को खास ध्यान की जरूरत होती है. इस समय खेत में खरपतवार न पनपने दें, ताकि पौधों को पूरा पोषण मिल सके. साथ ही पानी की मात्रा संतुलित रखें. ज्यादा पानी या बिल्कुल सूखा खेत, दोनों ही नुकसान पहुंचा सकते हैं. सही देखभाल से बालियां मजबूत बनती हैं और दाने भरपूर होते हैं.