50 फीसदी सब्सिडी के साथ खेत में बनवाएं तालाब, फिर शुरू करें ये बिजनेस.. होगा 8 लाख तक का मुनाफा!

UP Government Schemes: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए खेत तालाब योजना चला रही है, जिसमें 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है. इस योजना से किसान न सिर्फ सिंचाई कर सकते हैं, बल्कि मछली पालन और मोती की खेती जैसे फायदे वाले बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 2 Feb, 2026 | 09:30 PM

Khet Talab Yojana: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है. इन्हीं में से एक है खेत तालाब योजना, जो अब सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं रही. इस योजना के जरिए किसान तालाब बनवाकर मोती की खेती, मछली पालन, सिंघाड़ा और मखाना जैसी कमाई वाले बिजनेस भी कर सकते हैं. यह योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चलाई जा रही है और किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

क्या है खेत तालाब योजना?

खेत तालाब योजना का मकसद खेतों में बारिश के पानी को इकट्ठा करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसी पानी से सिंचाई की जा सके. इससे न सिर्फ पानी की बर्बादी रुकती है, बल्कि सूखे जैसी स्थिति में भी किसानों को राहत मिलती है. अब इसी तालाब का इस्तेमाल किसान कमाई बढ़ाने के लिए दूसरे कामों में भी कर सकते हैं.

सरकार दे रही है 50 फीसदी तक सब्सिडी

  • इस योजना के तहत खेत में तालाब बनाने की कुल लागत करीब 1.50 लाख रुपये तय की गई है.
  • सरकार इसमें से 50 फीसदी यानी 52,500 रुपये की सब्सिडी देती है.
  • यह पैसा दो किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है, जिससे आर्थिक बोझ काफी कम हो जाता है.

खेत तालाब योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  • किसान इस योजना के लिए agridarshan.up.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
  • आवेदन के बाद कृषि विभाग के अधिकारी खेत का निरीक्षण करते हैं.
  • मंजूरी मिलने पर किसान को 30 दिनों के भीतर तालाब बनवाना होता है.
  • काम पूरा होते ही सब्सिडी की राशि खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.

किसानों को होंगे कई बड़े फायदे

खेत तालाब योजना के तहत किसान बारिश के पानी को अपने खेत में ही जमा कर सकते हैं, जिससे पूरे साल सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर हो जाती है. सबसे खास बात यह है कि यही तालाब किसानों के लिए कमाई का नया जरिया भी बन सकता है. किसान इसमें मछली पालन, मोती की खेती, सिंघाड़ा और मखाना जैसी लाभकारी खेती कर सकते हैं. इस तरह खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आमदनी का एक मजबूत और स्थायी रास्ता तैयार हो जाता है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो सकती है.

मोती की खेती: कम लागत में ज्यादा मुनाफा

तालाब में मोती की खेती आज के समय में एक बेहद फायदे वाला बिजनेस बन चुका है. इसमें खास तरह की सीपों के अंदर छोटे बीज डाले जाते हैं और नियंत्रित माहौल में मोती तैयार किए जाते हैं. सही देखभाल के साथ 12 से 24 महीनों में सीप से असली मोती निकाले जाते हैं.

कितनी आती है लागत और कमाई?

एक एकड़ तालाब में मोती की खेती करने पर करीब 4 लाख रुपये की लागत आती है. इससे लगभग 40 हजार मोती तैयार हो सकते हैं. अच्छी क्वालिटी के मोती 120 से 160 रुपये प्रति पीस तक बिकते हैं. कुल मिलाकर किसान 12 लाख रुपये तक की कमाई और करीब 8 लाख रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं.

मोती की खेती कैसे शुरू करें?

  • मोती की खेती शुरू करने से पहले वैज्ञानिक प्रशिक्षण लेना जरूरी है.
  • कई सरकारी संस्थान किसानों को फ्री ट्रेनिंग भी देते हैं.
  • सरकारी केंद्रों से सीप खरीदकर किसान आसानी से इसकी शुरुआत कर सकते हैं.
  • सही तकनीक अपनाकर किसान अपनी किस्मत चमका सकते हैं.

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Published: 2 Feb, 2026 | 09:30 PM

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